
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत के बाद योगी आदित्यनाथ को एक बार फिर से विधायक दल का नेता चुन लिया गया. मुख्यमंत्री के तौर पर उनका शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को आयोजित होगा. शुक्रवार को वे मुख्यमंत्री की कमान संभाल लेंगे. विधायक दल की बैठक केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा की ओर से सरकार गठन के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक अमित शाह और सह पर्यवेक्षक झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास मौजूद थे. 37 साल के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री दोबारा सत्ता पर काबिज होने जा रहा है. (नीचे देखे पूरी खबर)

उत्तर प्रदेश के भाजपा के 272 विधायकों के अलावा तमाम सहयोगी पार्टियों के विधायकों ने आदित्यनाथ को सीएम बनाने पर अपनी सहमति जता दी. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास एक साथ एक ही हवाई जहाज से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरे. लखनऊ एयरपोर्ट पर उनका योगी आदित्यनाथ ने अपने सहयोगियों के साथ उनका स्वागत किया. इस दौरान काफी ज्यादा भीड़ थी, लेकिन अमित शाह सीधे विधायक दल की बैठक में रघुवर दास को साथ लेकर गये और उनके साथ मीटिंग की. इस मीटिंग के दौरान अपने संबोधन में राज्य के उज्जवल भविष्य की कामना की और कहा कि उत्तर प्रदेश को एक बार फिर से तेज गति से विकास की राह पर योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम ले जायेगी. (नीचे देखे पूरी खबर)

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को नंबर वन इकॉनॉमी वाला राज्य बनाना है. उन्होंने कहा कि बाजपा अकेली पार्टी है, जिसको लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत जनता ने दिया है और विश्वास जताया है. लोकतंत्र का मतलब उत्तर प्रदेश ने जाना. गुंडाराज समाप्त हुआ, परिस्थितियां बदली और बदलाव की राजनीति उत्तर प्रदेश में शुरू हुई. पुलिस और प्रशासन के राजनीतिकरण को उत्तर प्रदेश में समाप्त किया. बिखरा अर्थतंत्र, प्रशासनिक ढांचा में तेजी से सुधार किया गया. सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह में टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, गोयनका ग्रुप के संजीव गोयनका, अंबानी ग्रुप के मुकेश अंबानी, आदित्य बिड़ला ग्रुप के कुमार मंगलम बिड़ला, अडानी समूह के गौतम अडानी, महिंद्रा ग्रुप के आनंद महिंद्रा, समेत कई औद्योगिक समूहों के अलावा साधु संतो, महंतो के साथ साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी वहां बुलाया गया है. (नीचे देखे पूरी खबर)

झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास की दिखी राजनीतिक हैसियत भी
वैसे तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के चयन और सरकार गठन के दौरान वैसे तो केंद्र में योगी आदित्यनाथ ही थे, लेकिन झारखंड के लोगों की नजरें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर थी. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास चुनाव हारने के बाद हाशिये पर चल गये है, ऐसा उनके विरोधी कह रहे थे, लेकिन एक ही झटके में रघुवर दास की राजनीतिक हैसियत देखने को मिली. लखनऊ के मंच से उनकी राजनीतिक हैसियत दिखी, जब केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के थिंक टैंक अमित शाह के साथ हवाई जहाज में साथ उत्तर प्रदेश आये. साथ में ही सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी की. वैसे उनकी राजनीतिक हैसियत का पता उनके विरोधियों को तब भी लग गया था, जब उनका नाम उत्तर प्रदेश में सरकार गठन के सह पर्यवेक्षक का जब नाम आया. उनके राजनीतिक विरोधियों को मुंह की खानी पड़ी और अब एक बार फिर से रघुवर दास और उनके सहयोगी लोगों के बीच नया जोश आ गया है.





