नई दिल्ली : भारत सरकार ने शनिवार को पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद एवं लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनके 23 सदस्यों को आधिकारिक रूप से आतंकी घोषित कर दिया है. केंद्र सरकार ने उक्त आतंकियों पर भारत, खास कर जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने, इसके लिए युवाओं की भर्ती करने एवं भारत में हथियार भेजने के साथ ही हमलों की साजिश रचने का आरोप लगाया है. (नीचे भी पढ़ें)
केंद्र सरकार ने इन आतंकियों पर सीमा पार से भारत विरोधी गतिविधियां चलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि ये ड्रोन के जरिये भारत में हथियार भेजने, सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को बहकाने की कोशिश करने और उनके झांसे में आये युवाओं को ट्रेनिंग देने जैसी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं. केंद्र सरकार के अनुसार इन 23 आतंकियों में से 3 सश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी हैं, जिनमें अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार शामिल हैं. इनमें राणा इफ्तिखार पर विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच संपर्क बनाने एवं युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेलने का काम करने का आरोप है. वहीं, अब्दुल रऊफ पर आतंकियों को फंड मुहैया कराने के साथ ही आतंकी योजनाएं बनाने एवं आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का भी आरोप है. हाफिज खालिद वलीद को अनेक आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड बताया गया है. बताया गया कि इनमें से कई आतंकियों का जम्मू-कश्मीर में हुए बड़े हमलों से सीधा संबंध रहा है. मसूद इलियास कश्मीरी नाम का एक आतंकी जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा कमांडर बताया गया है. बताया गया कि वह युवाओं की भर्ती, उनकी ट्रेनिंग एवं उनकी भारत में घुसपैठ करने में मदद करता था. (नीचे भी पढ़ें)
इसी प्रकार मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ डॉक्टर हमजा पर भी गंभीर आरोप हैं. वह ड्रोन के जरिये भारत में हथियार भेजने, आतंकियों की घुसपैठ कराने एवं सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती करने में शामिल रहा है. मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फप अबू साद को जैश-ए-मोहम्मद का लांचिंग कमांडर बताया गया है. वह 2016 में नागरोटा के सेना कैंप पर हुए हमले में शामिल बताया गया है. इसी तरह अब्दुल शकूर व अब्दुल्ला जिहादी का नाम भी इसमें शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार ये सभी सिर्फ आतंकी हमलों की साजिश ही नहीं रचते थे, बल्कि आतंकियों को सीमा पार से भारत में प्रवेश कराने, उन्हें सुरक्षित रास्ता बताने और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मुहैया कराते थे. ऐसे ही कुछ आरोपियों पर फंड की व्यवस्था करने एवं हथियार पहुंचाने का आरोप है. सरकार ने इनमें सु कुछ आतंकियों पर लश्कर-ए-तैयबा, अल कायदा एवं आइएसआइएस जैसे संगठनों से जुड़े होने का आरोप भी लगाया गया है







