
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधिग्रहित कंपनी टाटा रोबिन फ्रेजर (टीआरएफ) में 1.30 करोड़ रुपये वैकल्पिक रुप से परिवर्तनीय रेडिमेबल वरीयता शेयर सीरीज 2 (ऑप्सनली कंवर्टिबल रिडिमेबल प्रीफरेंस शेयर सीरीज 2) का अधिग्रहण कर 13 करोड़ रुपये का निवेश किया है. शेयरों में 11.25 फीसदी का कूपन शामिल होगा. टीआरएफ कंपनी लगातार घाटे में चल रही है. इसको मदद करने के लिहाज से टाटा स्टील ने यह 13 करोड़ रुपये दिये है, ताकि मौजूदा कर्ज को कम किया जा सके. वेंडरों की बकाया राशि का भुगतान किया जा सके, पुरानी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सामग्री आपूर्ति को दुरुस्त करने और सारे आर्डर को समय पर पूरा करने के लिए यह राशि दी गयी है. कारपोरेट से जुड़ी तमाम कार्यों को लेकर भी यह राशि दी गयी है. शनिवार को ही टाटा स्टील ने अपने स्टेटमेंट में इसकी जानकारी ली. टाटा स्टील टीआरएफ में 34.11 फीसदी का शेयर का मालिकाना हक रखती है. प्रमोटर के रूप में, टाटा स्टील के पास टीआरएफ में 34.11 प्रतिशत इक्विटी शेयर, 25 करोड़ गैर-परिवर्तनीय रिडीमेबल वरीयता शेयर और 1.20 करोड़ 11.25 प्रतिशत वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय रिडीमेबल वरीयता शेयर हैं, जो कुल वरीयता शेयर पूंजी का 100 प्रतिशत है. पिछले वित्त वर्ष में टीआरएफ का राजस्व 114 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की समान अवधि में 186 करोड़ रुपये था. वित्तीय वर्ष 2019-2020 में, यह 237 करोड़ रुपये था. टीआरएफ टर्नकी आधार पर शुरू की गई परियोजनाओं के लिए पावर, पोर्ट, स्टील, माइनिंग और सीमेंट जैसे कोर सेक्टर के उद्योगों के लिए बल्क मैटेरियल हैंडलिंग सिस्टम और उपकरणों के डिजाइन और निर्माण के व्यवसाय में लगी हुई है. उपकरण में क्रशर, स्क्रीन, फीडर, संदेश उपकरण, खनन उपकरण, वैगन टिपलर सिस्टम और स्टेकर रिक्लेमर शामिल हैं. टीआरएफ ग्राहकों की पोस्ट-कमीशनिंग आवश्यकता को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रो मैकेनिकल जॉब्स, औद्योगिक संरचना और निर्माण, जीवनचक्र सेवाओं और संबद्ध सेवाओं का संचालन करता है, जिसमें इलेक्ट्रो-मैकेनिकल जॉब और इकाइयों या उपकरणों के डिजाइन, निर्माण, निर्माण और कमीशनिंग, जीवनचक्र सेवाओं में विशेषीकृत औद्योगिक निर्माण शामिल हैं. टाटा स्टील ने कहा कि कंपनी की विनिर्माण सुविधा जमशेदपुर में स्थित है और बर्मामाइंस में 21 एकड़ क्षेत्र में काम करती है. टीआरएफ कंपनी लगातार घाटे में चल रही है. इसको बचाने के लिए लगातार कवायद तेज किया गया है और निवेश भी कराया जा रहा है ताकि किसी तरह कंपनी को बचाया जा सके.












