
जमशेदपुर : टाटा स्टील में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बुलाये गये ”जनता कर्फ्यू” के दौरान कर्मचारियों को काम पर बुलाने के लिए अलग से व्यवस्था की गयी है. इसके तहत टाटा स्टील में ए शिफ्ट के कर्मचारियों को सुबह 6 बजे तो आना है, लेकिन काम दोपहर दो बजे तक ही करना है, लेकिन कंपनी के भीतर से दोपहर दो बजे के बाद नहीं निकलना है. उनको रात नौ बजे के बाद ही निकलना है. इस बीच बी शिफ्ट के कर्मचारियों को रविवार को सुबह सात बजे के पहले घुस जाना है और काम दोपहर दो बजे से रात के दस बजे तक ही करना है, लेकिन उनको सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक कैंटीन और रेस्ट रूम में रहना है. हालांकि, वायरस के लिहाज से कैंटीन या रेस्ट रूम में भी गैदरिंग खतरनाक माना गया है, लेकिन कंपनी की ओर से ऐसा आदेश दिया गया है. वैसे ए और बी शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को सुबह का नाश्ता, दोपहर का लंच और रात का डिनर (तीनों टाइम का खाना) मुफ्त में दिया जायेगा. लेकिन कर्मचारियों को इसके लिए बुकिंग कर लेना होगा. ठेका मजदूरों को आरएफआइडी के माध्यम से ही खाने की बुकिंग करने को कहा गया है. अगर किसी का वेतन से कैंटीन के खाने के बदले पैसे की कटौती की जाती है तो कर्मचारियों के वेतन का पैसा तीन दिनों में ही कटौती की गयी राशि लौटा दी जायेगी.
टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष ने अपने हस्ताक्षर से निकाला दूसरा नोटिस, कोरोना वायरस को लेकर यूनियन में छिछालेदर, शनिवार के ऑफिस बियरर की बैठक से नदारद रहे महामंत्री सतीश सिंह
टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से कोरोना वायरस को लेकर यूनियन कार्यालय खोलना है या नहीं खोलना है, इसको लेक एक नया नोटिस निकाला गया है. इस नोटिस में कहा गया है कि कोरोना वायरस को लेकर यूनियन को खोलना है या बंद रखना है, इसको लेकर जिला प्रशासन का जो भी गाइडलाइन आयेगा, उसका अनुपालन किया जायेगा. इससे पहले उन्होंने (अध्यक्ष रवि ने) शुक्रवार को ऑफिस बियररों की बैठक कर नोटिस निकाला था, जिसमें यह कहा गया था कि सभी ऑफिस बियररों ने कहा है कि यूनियन का कार्यालय खोलना है, इस कारण वे खोल रहे है. इससे पहले गुरुवार की शाम को यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह ने एक आदेश निकाला था कि कोरोना वायरस को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है और यूनियन कार्यालय 25 मार्च तक बंद रहेगा ताकि लोगों का आना जाना यूनियन में नहीं हो सके. महामंत्री का यह आदेश नागवार लगा, जिसके बाद अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने ऑफिस बियररों की बैठक कर शुक्रवार को ऑफिस खोलने का आदेश निकाल दिया और अब शनिवार को एक नया नोटिस निकालकर जिला प्रशासन के आदेश का इंतजार करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया. एक छोटे से मामले को लेकर तीन नोटिस और तीन तरह की नोटिस ने यूनियन की गरिमा को ठेंस पहुंचायी है और यह छिछालेदर करने का काम यूनियन के नेताओं ने मिलकर किया है. इस नोटिस को निकालने के पहले यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने सारे ऑफिस बियररों की बैठक बुलायी थी, जिसमें खुद महामंत्री सतीश सिंह ने हिस्सा नहीं लिया. सभी ऑफिस बियरर मौजूद थे. ऑफिस बियररों की बैठक में कहा गया कि जिला प्रशासन के आदेश का वे लोग इंतजार करेंगे, जिसके बाद नोटिस निकाला गया.














