
रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार में चौथे महिने में विवाद होता नजर आ रहा है. यह विवाद हाल के दिनों में किये गये 35 आइपीएस पदाधिकारियों का तबादला और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अपने प्रशासनिक अधिकारियों और सचिव स्तर के अधिकारियों को पांच करोड़ रुपये तक खर्च करने के दिये गये अधिकार को लेकर उत्पन्न हुआ है. इस विवाद के कारण राज्य सरकार सकते में आ गयी है. वैसे कांग्रेस और झामुमो की ओर से इसका रास्ता निकालने की तैयारी की जा रही है, लेकिन हेमंत सोरेन ने अपनी सरकार की मंशा को साफ कर दिया है. उन्होंने एक टीवी न्यूज चैनल को दिये गये इंटरव्यू में साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने जमशेदपुर के होटल अलकोर के मामले में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों को साफ तौर पर कह दिया है कि साफगोई से काम करें. कार्रवाई में किसी तरह का कोई मुंह देखादेखी नहीं होगा और न ही किसी के साथ गलत होने दिया जायेगा.
लेकिन गलत लोगों को नहीं छोड़ेंगे, चाहे जितना भी बड़ा आदमी ही क्यों नहीं हो. कानून सबके लिए बराबर है. वैसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि इसी तरह वे किसी भी अधिकारियों या प्रशासनिक पदाधिकारियों को सही काम करने से नहीं रोकेंगे. हालांकि, मंत्री बन्ना गुप्ता को लेकर किसी तरह की कोई टिप्पणी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नहीं की है. दूसरी ओर, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की नाराजगी सरकार के दो फैसलों को लेकर है. बताया जाता है कि आइपीएस अधिकारियों के तबादले को लेकर सरकार के मंत्रियों से किसी तरह की कोई बातचीत तक नहीं की गयी जबकि गठबंधन की सरकार है तो गठबंधन के लोगों से बातचीत किया जाना चाहिए था. वहीं 5 करोड़ रुपये सचिव को खर्च करने का अगर अधिकार दे दिया जायेगा तो विधायिका से जुड़े लोगों का क्या होगा. फिर तो कार्यपालिका ही हावी होगी जबकि विधायिका से जुड़े लोग धरातल पर होते है और मंत्री और विधायक ही जनता से रुबरु होता है, जिसके पास कोई अधिकार नहीं होगा. पांच करोड़ रुपये सचिव को खर्च करने का अधिकार दिया जाना गलत है. वैसे इस मामले को लेकर सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कड़े रुख से अपनी मंशा साफ कर दी है. वहीं, आइपीएस के तबादले को लेकर झामुमो के प्रधान प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्या ने साफ कह दिया है कि यह राज्य के मुख्यमंत्री और सरकार का एकाधिकार है, जिस पर आपत्ति किसी राजनीतिक दलों को नहीं उठाना चाहिए.














