
रांची : झारखंड के लिए अगले सप्ताह काफी भारी होने जा रहा है. 9 मई को बाबूलाल मरांडी के भाजपा में झारखंड विकास मोर्चा के विलय को लेकर सुनवाई है और यह संभावना जतायी जा रही है कि फैसला आ सकता है. यह भी संभावना है कि उनकी विधायकी जा सकती है जबकि भाजपा के ही कांके से विधायक समरी लाल की सदस्यता पर भी फैसला आ सकता है. इस बीच 10 मई तक का समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनाव आयोग ने दिया है ताकि वे अपना जवाब दाखिल कर सके. उनको चुनाव आयोग ने नोटिस देकर कहा है कि उनकी विधायकी को क्यों नहीं समाप्त की जाये क्योंकि वे दोहरे लाभ का पद हासिल कर रहे है. उसके अलावा उनके भाई और झामुमो विधायक बसंत सोरेन को भी चुनाव आयोग की नोटिस दी गयी है. इसका भी जवाब दाखिल होना है और उनके ऊपर भी फैसला अगले सप्ताह ही आ सकता है. इस बीच तेजी से बदलते समीकरण के बीच भाजपा के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी दिल्ली रवाना हो गये है. रात के वक्त वे अचानक से दिल्ली चले गये. बाबूलाल मरांडी के मसले पर फिर से 9 मई को सुनवाई होने वाली है, जो झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो न्यायाधिकरण में सुनवाई करेंगे. यह अंदेशा जताया जा रहा है कि दल बदल कानून के तहत बाबूलाल मरांडी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और उनकी विधायकी भी जा सकती है. भाजपा भी इसको लेकर सशंकित है. खुद बाबूलाल मरांडी ने संवाददाता सम्मेलन कर यह आशंका जता चुके है कि स्पीकर गलत तरीके से काम कर रहे है और प्रतिकूल फैसला लेने पर आमादा है. बताया जा रहा है कि बाबूलाल मरांडी को भाजपा के आलाकमान ने बुलाया है ताकि उनके बचाव का कुछ रास्ता निकाला जा सके और कानून के जानकारों से रायशुमारी की जा सके.




