
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने लोकसभा में मजदूरों की समस्या का मुद्दा उठाया. इस मामले को लेकर सांसद विद्युत वरण महतो ने लोकसभा में इएसआइसी अस्पताल का मामला उठाया और कहा कि इएसआइसी अस्पताल द्वारा निजी अस्पताल में सेकेंडरी केयर ट्रीटमेंट रेफरेंस की सुविधा पुनः बहाल करने के लिए पत्रांक नंबर 16/12/1/20-18 एजेंडा रिपोर्टिंग आइटम-2 दिनांक 27 जनवरी 2020 के माध्यम से देश के सभी इएसआइसी अस्पताल द्वारा निजी अस्पतालों में सेकेंडरी केअर ट्रीटमेंट के लिए रेफेरेल की सुविधा समाप्त कर दी गई. इस संबंध में यह कहना है कि झारखंड राज्य के आदित्यपुर स्थित इएसआइसी अस्पताल पर लगभग दो लाख आइपी निबंधित है जिस पर लगभग 10 लाख लाभुक निर्भर है. यहां पर मात्र 50 बेड वाला अस्पताल उपलब्ध है. इसमें भी डॉक्टर के और नर्स की संख्या अत्यंत नग्न है. इएसआइसी के मानक के अनुसार 20 लाख आइपीधारकों के लिए 300 बेड वाले अस्पताल की आवश्यकता होता है, यह भी सूचित करना है कि राज्य सरकार एवं निजी क्षेत्र के अस्पताल पर्याप्त नहीं है. यह एक आदिवासी एवं मजदूर बहुल क्षेत्र में अस्पताल है. इस कारण आदित्यपुर स्थित इएसआइसी अस्पताल को सेकेंडरी केअर ट्रीटमेंट के लिए रेफेरेल की सुविधा पुनः बहाल किया जाए. साथ ही साथ 250 बेड अस्पताल निर्माण स्वीकृति प्रदान किया जाए.















