
जमशेदपुर : झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने जमशेदपुर के सर्किट हाऊस में स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की. पहली बार वे शिक्षा मंत्री बनने के बाद जमशेदपुर आये थे. उन्होंने यहां के जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक के साथ बैठक की. इस दौरान स्कूलों के क्या हालात की जानकारी ली गयी. इस दौरान यह शिकायतें भी मिली कि स्कूल प्रबंधनों द्वारा स्कूलों के बच्चों से फीस मांगा जा रहा है. इसके अलावा स्कूलों में टीचरों को आधा वेतन ही दिया जा रहा है. पैसा पूरा लिया जा रहा है. ऊपर से स्कूलों का स्थापना खर्च काफी कम हो चुका है जबकि फीस पूरा मांगा जा रहा है. इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक नीति और कानून बनाने जा रहे है. एक माह में बनायी गयी शिक्षा विभाग की कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर नीति और कानून बनाकर फैसला लिया जायेगा. टीचरों को आधा वेतन देना ही गलत है. जगरनाथ महतो के साथ घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन, पोटका के विधायक संजीव सरदार और जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी समेत अन्य लोग भी थे.
सरकारी स्कूल में सारी सुविधा, फिर भी निजी स्कूलों में जा रहे है बच्चे, इसकी भी समीक्षा होगी, लॉकडाउन में सरकारी स्कूलों में भी होगी ऑनलाइन पढ़ाई
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में सारी सुविधाएं है. इन सारी सुविधाओं के बीच निजी स्कूलों में ही बच्चे जा रहे है. यह चिंता का विषय बना हुआ है. कैसे स्कूल में खाना और ड्रेस के साथ पढ़ाई का बेहतर माहौल और अच्छी शिक्षा दिलायी जाये, इसकी भी कोशिश होगी. इसकी भी समीक्षा की जा रही है कि आखिर स्कूलों में बच्चे कम क्यों हो रहे है. लॉकडाउन के दौरान बच्चों को टीवी चैनलों के माध्यम से कैसे पढ़ायी कराया जा सकता है, इसके लिए भी कोशिश की जा रही है, जिसकी शुरुआत की गयी है. दूरदर्शन जैसे चैनलों की मदद भी हम लोग ले रहे है ताकि घरों पर बैठकर बच्चे भी अपनी पढ़ाई पूरी कर सके. गिरीडीह में केबुल के जरिये पढ़ाई की शुरू कर दी गयी है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बताया कि जमशेदपुर के शहरी और ग्रामीण इलाके में नेट को लेकर अलग-अलग सुविधाएं है. इस कारण केबुल नेटवर्क या दूरदर्शन के जरिये भी लोगों को सुविधा पहुंचाने की कोशिश कर रहे है.















