
जमशेदपुर : जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान में अभी कोरोना का मरीज नहीं मिल है लेकिन इस विश्वव्यापी संक्रमण ने जमशेदपुर के लोगों की नींद ही उड़ा दी है. अब जमशेदपुर के लोगों को बुरे-बुरे सपने दिख रहे हैं. सपने में कीड़े या रेंगने वाले जानवर दिखाई दे रहे हैं. डॉक्टर्स के पास इस तरह की समस्याओं के फोन बढ़ गए हैं. लॉकडाउन के बाद से तो मानसिक तनाव और डिप्रेशन ऐसा बढ़ गया है कि परिवार में घबराहट, झगड़े और चिड़चिड़ाहट बढ़ गई है. जमशेदपुर के मनोचिकित्सकों के पास आ रहे फोन के आधार पर लोगों से बात कर समस्या के बारे में जानने का प्रयास किया तो इस तथ्य का खुलासा हुआ. जमशेदपुर के कई साइकोलॉजिस्ट से बात की तो उन्होंने माना कि लॉकडाउन का मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है.
क्यों बढ़ रही दिक्कत :
जमशेदपुर के साइकोलॉजिस्ट डॉ संजय अग्रवाल कहते है कि नींद को दो चरणों में बांटा गया है. रेपिड आइ मूवमेंट यानी आरइएम और नॉन रेपिड आइ मूवमेंट यानी नॉआरईएम. ज्यादा समय तक सोने से लोगों का आरइएम स्टेज बढ़ गया है. रिसर्च में माना गया है जो 10 घंटे से ज्यादा सोते हैं, उन्हें सपने भी ज्यादा आते हैं. जो लोग कोरोना ट्रैकिंग में लगे हैं उन्हें कीड़ों या रेंगने वाले जानवरों के सपने आ रहे हैं.
मनोचिकित्सकों की टीम झारखंड सरकार ने की तैनात :
झारखंड सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए मनोचिकित्सकों की टीम गठित कर एक हेल्प डेस्क बनाया है. जहां प्रदेश भर के मरीज फोन कर अपनी समस्या बता समाधान कर रहे हैं. रांची, धनबाद, बोकारो समेत कोरोना संक्रमित स्थानों के आसपास रहने वाले लोग फोन कर पूछ रहे हैं कि रात को बुरे सपने आते हैं. सपने में कीड़ा रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं. इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए सुबह 10- शाम 5 बजे तक लोग सवाल पूछ सकते हैं.
साइकोलॉजिकल और फिजिकली दिखने लगा है कोरोना का असर
एमजीएम अस्पताल के साइकलॉजिस्ट डॉ दीपक गिरी के पास रोजाना ऐसे कई लोगों के फोन आ रहे हैं. जो कोरोना के डर से डिप्रेशन और एंग्जाइटी से परेशान हैं. अब लोगों पर कोरोना वायरस के साइकोलॉजिकल, बिहेवरियल और फिजिकल इफेक्ट्स भी दिखाई देने लगें है. जो लोग अपने परिवार से दूर है, उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है.
कोरोना वायरस की ट्रैकिंग से बचें : इससे जुड़ी बातें जानकारी भर के लिए जानें
डा गिरी ने कहा कि कोरोना वायरस से जुड़ी बातें सिर्फ जानकारी भर के लिए जानें. कोरोना वायरस की ट्रैकिंग से बचें. खुद को म्यूजिक, गार्डनिंग, पेंटिंग आदि पसंदीदा कार्यों में खुद को व्यस्त करें. सोशल मीडिया से जितना हो, उतना दूर रहें. डिप्रेशन होने पर चिकित्सक से परामर्श जरूर करें. जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग कराएं. मनोचिकित्सकों से ऑनलाइन संपर्क कर सकते हैं. डॉक्टर गौतम कहते हैं कोरोना को लेकर कई भ्रांतियां हैं जिससे लोग डर रहे हैं. शुरुआत में विदेश से कई ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनसे लोगों में डर बैठ गया था इसलिए सही सूचनाएं अधीकृत न्यूज वेबसाइट के माध्यम से ही प्राप्त करें.
क्या है केस :
केस-1-कोरोना के खौफ और लॉकडाउन से सोनारी निवासी एक दंपती छोटी बात पर लड़ पड़े. झगड़ा इतना बढ़ गया कि पति ने पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया. पत्नी को चोट लगी और खून निकलने लगा तो पति ने पत्नी-बच्चों से माफी मांगी और मामला रफा दफा हुआ.
केस-2-मानगो के एक पाश सोसाइटी में टीवी देखने को लेकर देवर भाभी में इस कदर विवाद बढ़ गया कि परिवार के एक सदस्य का हाथ टूट गया. एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज ने खुद इस बात का खुलासा किया. परिवार के सभी सदस्य ग्रेजुएट व अच्छे पद पर कार्यरत हैं.
जमशेदपुर व कोल्हान के लोग इन मनोचिकित्सकों से करें संपर्क :
- डॉ. दीपक गिरी : 9334238982
- स्मिता हेम्ब्रम : 9608758714
- डॉ. सुदर्शना दास : 9903184691















