
चाईबासा : जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत संग्रामसाई स्थित क्वार्टर में टेंट एंड डेकोरेटर अब्दुल अमीन के यहां कार्य करने वाले 32 वर्षीय युवक ने गमछा से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। सूचना पाकर नोवामुंडी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के शव अपने कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक पश्चिम बंगाल 24 परगना का रहने वाला था। मृतक आलोक मंडल नोवामुंडी के टेंट एंड डेकोरेटर अब्दुल अमीन के यहां काम करता था। संग्रामसाई स्थित क्वार्टर में फंदे से झूलती उसकी लाश पायी गयी। मृतक अलोक मंडल पश्चिमी बंगाल के दक्षिण 24 परगना के उत्तर श्यामपुर गांव का रहनेवाला था।
पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के मंदिर बाजार निवासी हरि सदन नस्कर नामक व्यक्ति 15 लोगों को लेकर अमीन टेंट हाउस संचालक अब्दुल अमीन के अधीन टेंट निर्माण के लिए नोवामुंडी लाया है। टाटा स्टील के लिंक रोड में होनेवाली बासंती पूजा को लेकर टेंट निर्माण का काम इन लोगों को करना था। समूह में आलोक मंडल भी शामिल था। 22 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद टेंट निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि काम के अभाव में वह अपने घर पैसे नहीं भेज पा रहा था और वापस बंगाल लौटना चाह रहा था। मगर सीमाएं सील होने के कारण वह अपने घर नहीं जा पा रहा था। इसी को लेकर हमेशा मानसिक तनाव में रहता था। कोई रास्ता नहीं सूझने के कारण उसने खुद की जान ले ली। ऐसी चर्चा है।
दूसरी ओर टेंट संचालक अब्दुल अमीन ने कहा कि लॉकडाउन होने के कारण टेंट निर्माण को लेकर किसी तरह का कोई काम नहीं हो रहा है। इस कारण बंगाल से बुलाए गयी सभी 15 कर्मचारियों को घर बैठाकर भोजन खिलाना पड़ता है। आलोक मंडल को बासंती पूजा में टेंट बनाने के लिए 18 मार्च को नोवामुंडी बुलाया गया था। इन्हें रहने के लिए क्वार्टर भी उपलब्ध कराया गया है। घर नहीं जा पाने के कारण वह तनाव में था। टेंट हाउस के मुंशी हरिसदन नस्कर ने बताया कि आलोक रात में 8 बजे नास्ता कर अपने कमरे में चला गया। रात में उसे अपनी पत्नी व बच्चों से मोबाइल पर बात करते हुए सुना था। लगभग साढ़े नौ बजे खाना खाने के लिए बुलाया गया, तो दरवाजे और खिड़की अंदर से बंद थे। संदेह होने पर टेंट हाउस संचालक को मोबाइल पर सूचना देकर बुलाया गया। पुलिस के पहुंचने पर जब दरवाजा खोला गया, तो उसका शव पंखे से लटका पाया गया।
नोवामुंडी के थाना प्रभारी लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर जब हम संग्रामसाई पहुंचे तो आलोक के कमरे की खिड़की व दरवाजा अंदर से बंद थे। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो देखा कि गमछा व कमरबंद के सहारे आलोक का शरीर पंखे से लटका हुआ था। उसे नीचे उतारकर देखा तो उसकी सांस थम चुकी थी। प्रथम दृष्टया यह मामला खुदकशी का लग रहा है। पुलिस अपने स्तर से हर पहलू पर मामले की जांच में जुटी है। साथ ही यह भी कहा गया की मृतक के परिजन से बात हो गई है। पोस्टमार्टम होने के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया जायेगा।















