
चक्रधरपुर : मरता क्या नहीं करता की तर्ज पर लांडूपौदा गांव के 6 समेत दर्जनों श्रमिक जो हैदराबाद गए थे वे पैदल ही चल कर बंदगांव के कराइकेला पहुंचे. कराइकेला में अल्पाहार के बाद
सभी श्रमिकों को चक्रधरपुर लाया गया। यहां सभी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच हुई। इसके बाद सभी मजदूरों को वाहन से पंचायत भवन में भेजा गया। यहां पर मजदूरों के आने की खबर के बाद कराइकेला व चक्रधरपुर प्रखण्ड कार्यालय पहुंचे विधायक सुखराम उरांव सभी मजदूरों से मिले। अस्पताल मेडिकल टीम ने स्क्रिनिंग कर उन्हें लाण्डूपौदा के पंचायत भवन में भेज दिया। जो श्रमिक आये हैं, उनमें दिलीप दोराई, सुनील दोराई, सुकरा दोराई, जनसिंघ दोराई, बैगों गोप व उदय दोराई शामिल हैं। इन मजदूरों की मानें तो अति चिंताजनक स्थिति में पहुंचे हैं। उदय दोराई ने बताया कि उन्हें रास्ते मे काफी परेशानी हुई। कुछ दूर तक तो ट्रक में आये। उसके बाद वे पैदल ही आये। खाने पीने की काफी दिक्कत हुई। हैदराबाद जाने के बाद मात्र 15 दिन ही कार्य किया था। पैसा भी नहीं मिला था। बावजूद वे किसी प्रकार निकल आये।
नून-भात खाएंगे पर बाहर नही जाएंगे
मज़दूरों ने कहा कि नून-भात खाएंगे फिर भी बाहर नही जाएंगे। सुकरा दोराई, जन सिंह दोराई ने कहा कि हमने सोचा था कि काम मिलेगा दो पैसा कमाकर लाएंगे, पर उल्टा हो गया।
सभी मजदूरों की बेहतर स्वस्थ्य जांच : डॉ आरएन सोरेन
अनुमण्डल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएन सोरेन ने कहा कि जो भी मजदूर आ रहे हैं, सभी की बेहतर तरीके से जांच हो रही है एवं नियम पूर्वक पंचायत भवन में क्वारंटाइन में भेजा जा रहा है। डॉक्टर ने कहा कि किसी भी मजदूर को दिक्कत नहीं होगी, सभी मजदूरों की बढ़िया से जांच हो रही है।















