
रांची : झारखंड में लॉकडाउन को लागू करने को लेकर केंद्र सरकार के फैसला का इंतजार सारे लोग कर रहे है. खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड सरकार पहले केंद्र सरकार के आदेश का इंतजार करेगी, जिसके आधार पर ही किसी तरह का कोई फैसला लिया जायेगा. एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी करने के बाद राज्य सरकार उसी अनुरूप फैसला लेगी. हालांकि, पिछली बार जब लॉकडाउन में राहत दी गयी थी, तब झारखंड सरकार ने केंद्र सरकार के आदेश को दरकिनार करते हुए लॉकडाउन में किसी तरह का कोई राहत नहीं दी थी. अब झारखंड में सबसे ज्यादा बाहरी मजदूर आने लगे है. ट्रेन दर ट्रेनें आ रही है. सभी में बाहरी मजदूर और यात्री के अलावा छात्र-छात्राएं है. अभी झारखंड में जितने भी संख्या बढ़ी है, वह अप्रवासी मजदूरों के ज्यादा है. ऐसे में राज्य सरकार चाहती है कि 18 मई से लॉकडाउन में कोई राहत नहीं दी जाये बल्कि 31 मई तक इसको बढ़ा दिया जाये. वैसे भी अभी रमजान का महिना चल रहा है. रमजान के महिना में ज्यादा भीड हो सकती है, जिसको लेकर खुद मुसलिम संगठनों के लोगों ने ही डिमांड कर दिया है कि लॉकडाउन को बढ़ा दिया जाये. ऐसे में राज्य सरकार के फैसले का इंतजार सबको है और सारे लोग चाहते है कि हर हाल में लॉकडाउन में रियायत तो बढ़े, लेकिन ऐसे उपाय भी किये जाये कि बीमारी नहीं फैले. दूसरी ओर, राज्य सरकार द्वारा 18 मई से शराब की बिक्री की इजाजत देने जा रही है. 18 मई से शराब की दुकानें खुल सकती है. यहीं वजह है कि शराब की दुकानों के बाहर दुकानदारों ने सोशल डिस्टेंसिंग को बनाये रखने के लिए बांस और बल्ली का टेंट तक लगा दिया है जबकि कई लोगों ने अपना घेरा भी बना दिया है. वैसे अब तक स्पष्ट आदेश का इंतजार शराब दुकानदार कर रहे है. सूत्र बता रहे है कि ऑनलाइन ही शराब की बिक्री होने जा रही है.















