
जमशेदपुर : ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर ट्रस्ट ने संवाददाता सम्मेलन कर जमशेदपुर के मुसलमानों की ओर से अपना विरोध दर्ज कराया है. फ्रंट की ओर से एक संवाददाता सम्मेलन किया गया, जिसमें मुसलिम समुदाय से जुड़े लोगों ने कहा कि एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर अब तक जमशेदपुर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. अगर इस पोस्ट को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गयी तो पूरे देश भर में इसको लेकर आंदोलन होगा. संवाददाता सम्मेलन में मुख्य रूप से बाबर खान, मुफ्ती जैनुल मुस्तफा, मुफ्ती सैफुद्दीन असदक, मुफ्ती अब्दुल मलिक मिस्बाही, मौलाना बुरहानुल होदा, मौलाना शमशाद कादरी, मौलाना अब्बास अहमद, नूरी इंजीनियर, नासिर बिलाल, प्रोफेसर ताहिर खान, मोहम्मद जावेद शौकत, हुसैन मौलाना, हारून रशीद, मोहम्मद नासिर मौजूद थे. इन लोगों ने संवाददाता सम्मेलन में शामिल होकर अपने विचारों को रखा और 16 मई 2020 को फेसबुक में वायरल मोहम्मद पैगंबर साहब के खिलाफ में की गई पोस्ट और उसके उपरांत 17 मई 2020 को साइबर थाना बिष्टुपुर में दी गई लिखित शिकायत पत्र पर अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर सभी लोगों ने अपने नाराजगी प्रकट करते हुए जिला प्रशासन की उदासीनता पर चिंता प्रकट की और कहा के 72 घंटे बीतने के बाद भी जिला प्रशासन शरारती को गिरफ्तार नहीं कर रही है. इसको लेकर एक खास समाज काफी आक्रोशित है, जिस समाज के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है, जिसके प्रति जिस समाज की आस्था हो और उसके विरोध नाना प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट एक विशेष समुदाय को झकझोर कर रख दिया है और इसके पीछे एक साजिश है. वह साजिश करने वाले तक जिला प्रशासन को पहुंचना होगा और इस तरह का पोस्ट कर आपसी भाईचारा खत्म करने का जो प्रयास हो रहा है, इस पर अंकुश समय रहते जिला प्रशासन को लगाना होगा. जांच के नाम पर शरारती तत्वों को ज्यादा देर तक छूट देना भी विधि व्यवस्था के लिए लाभदायक नहीं है. इस संबंध में बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक मांग पत्र सौंपागा. इसके अलावा वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी नाराजगी प्रकट कर शरारती आरोपी को गिरफ्तार करने और कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करेगा ताकि आने वाले समय में कोई भी इस तरह के पोस्ट करने से पहले 10 बार सोचे. इन लोगों ने कहा है कि यदि जिला प्रशासन आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती है तो पूरे जिला ही नहीं पूरे भारत में आंदोलन होगा क्योंकि जिस धर्मगुरु के बारे आपत्तिजनक पोस्ट किया गया है, उसके प्रति हर एक मुसलमान अपनी जान न्योछावर कर सकता है. लेकिन उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की गुस्ताखी करने वाले को माफ नहीं कर सकता है.















