
चाकुलिया : धालभूमगढ की बीआरसी में सोशल डिस्टेसिंग के उलंघन का सारि जिम्मेवारी बीईईओ राम नरेश राम की ही है। क्योंकि पिछले 21 जुलाई 2020 को विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक मुखिया से अनुपस्थिति विवरणी सत्यापन कराकर 22 जुलाई 2020 को अनुपस्थिति विवरणी जमा करने के लिए धालभूमगढ बीआरसी कार्यालय पहुंचे, तो बीईईओ राम नरेश राम ने अनुपस्थिति विवरणी जमा नहीं ली. यह कहते हुए शिक्षकों को लैटा दिया किइसके लिए नोटिस निकाला जाएगा तब जमा लिया जाएगा. यह जानकारी अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने दी है. संघ की ओर से बताया गया है कि उसके बाद 23 जुलाई को आदेश निकाला गया, जो विभिन्न ग्रुप में आया. आदेश पत्र का अनुशरण करते हुए एक ही तिथि एक ही समय सभी शिक्षक पहुंच गये, तो इसमें शिक्षकों की क्या गलती है. बीआरसी का गेट नहीं खोला गया, बाहर कड़ी धूप थी.

संघ ने बताया है कि पत्र से स्पष्ट है कि धालभूमगढ़ बीईईओ राम नरेश राम द्वारा आदेश जारी कर एक ही दिन, एक ही समय प्रखंड के शिक्षकों को विभिन्न रिपोर्ट्स के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था. अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा है कि कोरोना काल में सरकारी गाइडलाइन का पालन नहीं करने के साथ ही एहतियात न बरतते हुए बीईईओ द्वारा एक साथ अपने कार्यालय में प्रखंड के सभी शिक्षकों को रिपोर्ट के साथ बुलाना कोरोना संक्रमण को बढ़ावा देने वाला होने के साथ ही सरकारी गाइडलाइन का उल्लंघन है. अपनी गलती को छुपाने के लिए दोष शिक्षकों के मत्थे मढ़ देना, यह बीईईओ राम की पुरानी कार्यशैली है. संघ ने इसकी कड़ी निंदा करने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन के लिए बीईईओ राम नरेश राम को पूर्णरूपेण जिम्मेवार बताया है.















