Jamshedpur : आनंद मार्ग प्रचारक संघ के वरिष्ठ आनंदमार्गी अधिवक्ता एवं समाजसेवी जीएस जायसवाल का निधन टाटा मेन हॉस्पिटल में पिछले 24 अगस्त को हो गया था. उनके पार्थिव शरीर का दाह-संस्कार साकची के स्वर्णरेखा घाट पर सरकार के निर्देशानुसार व आनंद मार्ग की पद्धति से संपन्न किया गया. आनंद मार्ग की पद्धति के अनुसार सभी आनंद मार्गी अपने-अपने घर पर वेब टेलीकास्ट से दाह संस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए. श्मशान घाट पर जसवाल दादा के सुपुत्र अनुराग रंजन दादा ने अपना कर्तव्य पालन किया. दाह संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात संगीत साथ हुई.
केंद्रीय धर्म प्रचार सचिव आचार्य सत्यआश्रयनंद अवधूत एवं राजेंद्र दादा ने इसकी शुरुआत की, जिसके बोल थे ‘धर्म आमारई साथी धर्म आमराई प्राण, परम पुरुष के मानी आमी ए ताहाराई दान, जीवनेर प्रथम प्रभाते से छीलो आमाराई साधे’. उसके बाद आनंद मार्ग की पद्धति के अनुसार शोकाकुल स्वर में “बाबा नाम केवलम” कीर्तन किया. विदेशों से जुड़े लोग जो इनसे परिचित हैं उन लोगों ने भी इस वेब टेलीकास्ट दाह संस्कार में भाग लिया. उसके बाद स्वर्गीय जीएस जसवाल के पार्थिव शरीर का दाह संस्कार सरकार के निर्देशानुसार कर दिया गया. 30 अगस्त को वेब टेलीकास्ट से ही उनका श्राद्ध अनुष्ठान आनंद मार्ग पद्धति से संपन्न किया जाएगा.








