सरायकेला/आदित्यपुर : रिपब्लिक भारत के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के विरोध में सरायकेला भाजपा द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया. जिसका नेतृत्व जिला अध्यक्ष विजय महतो ने किया. मशाल जुलूस पुराने बस स्टैंड चौक से शुरू होकर नारेबाजी के साथ गैरेज चौक पर पहुंचकर संपन्न हुई. जहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का पुतला दहन किया गया. इस दौरान आदित्यपुर नगर निगम के मेयर विनोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिस तरह से महाराष्ट्र पुलिस पत्रकार अर्नब गोस्वामी के साथ दुर्व्यवहार कर उनके घर से उठाकर ले गई, वह लोकतंत्र पर एक बदनुमा धब्बा है. महाराष्ट्र की उद्धव सरकार और कांग्रेस सरकार की प्रतिशोध की राजनीति का एक बहुत ही बर्बर और गलत उदाहरण है. उन्होंने कहा कि इस घटना ने साबित कर दिया कि किस प्रकार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, जो शिवाजी महाराज का नाम लिया करते थे, सत्ता के लालच में सोनिया सेना के सदस्य बन कर व्यवहार कर रहे हैं. ( आगे की खबर नीचे पढ़ें)
जिला अध्यक्ष विजय महतो ने बताया कि देश में जहां-जहां कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार है, वहां-वहां लोकतंत्र के सारे मूल्यों की हत्या हो रही है. महाराष्ट्र पुलिस अर्नब के साथ किसी आतंकवादी की तरह व्यवहार कर रही है, इससे बड़ा सत्ता का दुरुपयोग, फासीवाद भला क्या हो सकता है. बिना किसी सम्मन के, बिना किसी सुबूत और अपराध के अर्णव गोस्वामी को घर से घसीटते हुए ले जाना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है, यह आपातकाल है. तानाशाही है. यह सत्ता का आतंक है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व कांग्रेस सरकार बौखला गई है. इस तरह के हालात इससे पहले इमरजेंसी में भी बने थे. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी उसी राह पर चल रहे हैं. यह बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय है. जुलूस में शामिल बद्रीनारायण दारोगा, सुमित चौधरी सहित अन्य भाजपाइयों द्वारा मशाल जुलूस के दौरान महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, साथ ही पत्रकार अर्णब गोस्वामी के तुरंत रिहाई की मांग की गई.















