
चाईबासा : झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा शनिवार को पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा पहुंचे. उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ जबरदस्त अभियान चलाने को कहा और अधिकारियों को कहा कि अगर नक्सली सरेंडर करते है तो स्वागत करे, लेकिन अगर आम जनमानस और पुलिस को नुकसान पहुंचाते है तो सीधे खदेड़कर मारें, किसी तरह का कोई मरौव्वत नहीं करें. अपराध और नक्सलवाद को लेकर पुलिस जीरो टॉलरेंस पर काम करें और किसी भी हाल में ना तो नक्सलवाद और ना ही अपराध को पनपने दें. नक्सलियों के खिलाफ नई रणनीति तथा वर्तमान समय में नक्सली गतिविधि पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया. उन्होंने जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और क्राइम की समीक्षा की. इस दौरान आगे की रणनीति को लेकर पुलिस और सीआरपीएफ के पदाधिकारियों के साथ उन्होंने चर्चा की. डीजीपी नीरज सिन्हा ने कहा कि जो जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं उन्हें क्या कठिनाइयां हो रही हैं, उसे जानने समझने की कोशिश की जा रही है. बेहतर तरीके से काम हो सके इसके लिए क्या सुधार किया जा सकता है इस पर भी मंथन किया गया. यहां जो पुलिस कैंप संचालित हो रहे हैं उनमें क्या सुधार करने की जरूरत है, इसे समझा जा रहा है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा एक बड़ी चुनौती है. इसे बेहतर बनाने पर विचार हो रहा है. डीजीपी नीरज सिन्हा हेलीकॉप्टर से टाटा कॉलेज मैदान पहुंचे और वहां से समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार पहुंचे. जहां पदाधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक की. करीब एक घंटे की बैठक में कई चीजों पर मंथन किया गया. डीजीपी के साथ एडीजी स्पेशल ब्रांच मुरारी लाल मीणा, आईजी ऑपरेशन अमोल वीनूकांत होमकर भी आए हुए थे. बैठक में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल, कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी राजीव रंजन सिंह, पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा, सीआरपीएफ के आईजी, सीआरपीएफ के कमांडेंट डॉ प्रेमचंद सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए.




