
जमशेदपुर : भारतीय सेना के जांबाज एवं अपने अदम्य साहस, वीरता एवं शौर्य का परिचय देते हुए पुलवामा में आतंकियों को ढेर करने वाले लौहनगरी के सपूत हवलदार राकेश कुमार तिवारी का बुधवार को जमशेदपुर आगमन हुआ। विगत 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति भवन में उनकी इस वीरता एवं शौर्य के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सेना मेडल से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को पाने के बाद राकेश तिवारी का आज पहली बार शहर पहुंचे। उनके आगमन की सूचना पा कर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद (जमशेदपुर) के सैकड़ो पूर्व सैनिक एवम क्रीडा भारती, बागबेड़ा हेल्पिंग बॉयज के कार्यकर्ताओं की संयुक्त टोली ने उनका स्वागत टाटानगर स्टेशन पर किया। इसके उपरांत टाटानगर रेलवे स्टेशन से उनके आवास बिरसानगर जोन संख्या 4 तक स्वागत एक भव्य शौर्य यात्रा निकाली गई जिसमे पूरी लौह नगरी, भारत माता की जय, वन्दे मातरम एवम भारतीय सेना ज़िंदाबाद के उद्घोष से गुंजायमान हो गयी। उपस्थित देशभक्तो एवम कार्यकर्ताओं ने शहर के अपने नायक को फूल मालाओं से लाद दिया एवम एक खुली जिप्सी में लहराते हुए भारतीय ध्वज की अगुवाई में शूरवीर को ससम्मान घर तक पहुंचाया। (नीचे भी पढ़ें)

इस शौर्यमयी कार्यक्रम का आयोजन क्रीड़ा भारती, अखिल भारतीय पूर्वसैनिक सेवा परिषद , जमशेदपुर एवम बागबेड़ा हेल्पिंग बॉयज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया जिसमें मुख्य रूप से क्रीडा भारती के सोनू ठाकुर, सुभाष कुमार, सतनाम सिंह, भूपेंद्र, मार्टिन, अजीत सिंह, अनुराग, बागबेड़ा हेल्पिंग बॉयज के राम पात्रों, हेमंत कुमार पान, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जितेंद्र सिंह, अनिल सिंह, सिद्धनाथ सिंह, गौतम लाल, बिरजू कुमार, भोला सिंह, के एम सिंह, ललित चौधरी, राजू तिवारी, अनीश, आदि प्रमुख रूप से थे। (नीचे भी पढ़ें)
वर्तमान समय मे राकेश तिवारी जी का परिवार बिरसानगर के जोन नंबर चार में रहता है। वे राष्ट्रीय राइफल 50 में पुलवामा में अपनी सेवा दे रहे हैं। राकेश कुमार तिवारी ने 27 अक्टूबर 2020 को बडगाम में 2 आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर अपनी यूनिट के साथ कारवाई के लिए पहुंचे थे। यहां छिपे हुए आतंकियों के साथ संघर्ष शुरू हुई। संघर्ष में एक आतंकी ढेर हो गया। किंतु दूसरे आतंकी की गोली इनके बांह में लगी जो पीठ से निकल गई। यह गोली भी आतंकी ने बहुत ही नजदीकी लड़ाई में लगभग 15 फुट की दूरी से चलाई थी। उस आतंकी को इन्होंने तुरंत ही ढेर कर दिया । इस गोली लगने के कारण बायां हाथ में समस्या हुई है और कलाई ठीक से काम नहीं करती । किंतु राकेश कुमार तिवारी का जज्बा आज भी कायम है और समर्पित भाव से माँ भारती की सेवा में अपने यूनिट 50 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ लगे हुए है।













