
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित मेडिनोवा नर्सिंग होम का एनआईसीयू नवजात और असामयिक जन्म लेने वाले बच्चों के लिए वरदान बन रहा है. नर्सिंग होम में विगत 2 माह से इलाजरत नवजात बच्चे को बेहतर इलाज के साथ डॉक्टरों द्वारा नया जीवनदान दिया गया. पश्चिम सिंहभू जिले के चाईबासा की रहने वाली सीमा दास ने विगत 17 अक्टूबर को जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था. समय से पूर्व जन्मी 6 महीने की नवजात शिशु, जिसका वजन भी केवल 700 ग्राम था, उसके बचने की उम्मीद काफी कम थी, लेकिन मुख्यमंत्री आयुष्मान भारत योजना से जुड़े रहने के कारण बच्ची का संपूर्ण और बेहतर इलाज मेडिनोवा नर्सिंग होम में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजेश कुमार और अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रश्मि वर्मा समेत पारा मेडिकल स्टाफ की टीम द्वारा किया गया. विगत 2 माह से असामयिक जन्मी 6 महीने की बच्चे को लगातार दो महीने अस्पताल में बने अत्याधुनिक एनआईसीयू नर्सरी में रखा गया जिसके बाद अब बच्चे पूरी तरह स्वस्थ है. डॉ राजेश कुमार ने बताया कि नवजात बच्ची को विगत 2 महीने से कई गंभीर लक्षण थे, जिसमें मुख्य रुप से सांस फूलना, एनीमिया, जौंडिस, किडनी फेल, शुगर की कमी, जैसे गंभीर लक्षण थे जिसका मेडिनोवा नर्सिंग होम के नर्सरी में समय से इलाज प्रारंभ होने से बच्चे को नया जीवन प्राप्त हो सका है. अस्पताल प्रबंधन की डॉ रश्मि वर्मा ने बताया कि वे अब तक ऐसे करीब 1500 बच्चों को जीवनदान दे चुकी हैं. उनके यहां 22 बेड का एनआईसीयू है, जिसमें वारमर, फोटोथेरेपी, सीरिंज पम्प, सेक्शन ऑक्सीजन लाइन, हाईफ्लो नन इनवेसिव वेंटिलेटर आदि की सुविधाएं मौजूद हैं.




