
चाईबासा : बुधवार को नाबार्ड द्वारा कोलहन प्रमंडल के तीनों ज़िले पश्चमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावा में पैक्स या लैंपस के रूपान्तरण पर चाईबासा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का आयोजन नाबार्ड झारखंड के मुख्य महाप्रबंधक गोपा कुमारण नायर के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ. उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि केंद्र तथा राज्य सरकार किसान समूह एफ़पीओ, पैक्स, लैंपस को सुदृढ़ बनाने हेतु कई योजनाओं का गठन तथा कृयांवन किया जा रहा है. जिसे एफ़पीओ, पैक्स, लैंपस को मल्टी सर्विस सेंटर के रूप में स्थापित किया जा सके. इसकी शुरुआत भारत सरकार की योजना एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से की गई है. मुख्य महाप्रबंधक नायर ने बताया कि इन योजनाओं के अंतर्गत किसान, किसान समूह (एफ़पीओ, पैक्स, लैंपस), कृषि उद्यमी, कृषि स्टार्ट अप आदि को फसल की कटाई के बाद रख रखाव संबन्धित अवसंरचना जैसे गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, कोल्ड रूम आदि एवं सामुदायिक कृषि परिसंपत्ति जैसे कृषि उपकरण बैंक आदि का लाभ सस्ते दरों पर लिया जा सकता है. साथ ही नाबार्ड की मल्टी सर्विस सेंटर योजना के रूप में पैक्स या लैंपस का रूपान्तरण के कन्वर्जेंस से पैक्स या लैंपस को दी जाने वाली ऋण की दर 1 प्रतिशत हो जाएगी जो सहकारिता बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा. (नीचे भी पढ़ें)
इसके उपरांत पश्चिमी तथा पूर्वी सिंहभूम ज़िले के डीडीएम (नाबार्ड) साकेत कुमार और सिद्धार्थ शंकर ने पीपीटी के माध्यम से कार्यशाला में आए सभी पैक्स या लैंपस के प्रतिनिधियों के योजनाओं के बारे विस्तार से बताया. एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना अंतर्गत अन्य योजनाओं में उपलब्ध सब्सिडी का लाभ भी दिया जा सकता है. योजना के अंतर्गत 2 करोड़ के ऋण की गारंटी सीजीटीएसएमई (भारत सरकार) द्वारा दी जाएगी. ब्याज दर अधिकतम 9 या 3 प्रतिशत होने का अनुमान है. योजना से संबन्धित विस्तृत जानकारी https://agriinfra.dac.gov.in/ पर देखी जा सकती है. कार्यशाला में ज़िला सहकारिता पदाधिकारी ने पैक्स या लैंपस को यह निर्देश दिया की वह अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए बैंक एवं नाबार्ड से जुड़ी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. ज़िला अग्रणी बैंक प्रबन्धक तथा राज्य सहकारिता बैंक के ज़िला समानव्य पाधिकारी ने यह आश्वसान दिया की बैंक पैक्स या लैंपस को पूंजी दिलाने में पूरी मदद करेगा. कार्यशाला में कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों से आए 60 पैक्स या लैंपस के अध्यक्ष या प्रबंधक एवं राज्य सहकारिता बैंक के शाखा प्रबंधकों ने भाग लिया.





