
जमशेदपुर : मानगो के डिमना चौक पर स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद बाबा तिलका मांझी जी के शहादत दिवस मनायी गयी. जिसमें मौजूद सभी लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. झामुमो के नेता गोपाल महतो इतिहास को बताते हुए कहा कि बाबा तिलका मांझी ने जमींदारी प्रथा का विरोध एवं अंग्रेजों के द्वारा आदिवासियों का शोषण करने के विरोध किया आदिवासियों के बीच में बाबा तिलका मांझी के बड़ते प्रभाव से घबरा कर अंग्रेजों ने घोड़े में बांधकर मिलो तक घसीटा था. जिस कारण से बाबा तिलका मांझी का पूरा शरीर खून से लथपथ हो गया था. लेकिन अंग्रेजों के खिलाफ उनका क्रोध कम नहीं हुआ. बाबा तिलका मांझी को 13 जनवरी 1785 को भागलपुर में एक विशाल वट वृक्ष में अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दे दी थी. हजारों लोगों के सामने बाबा तिलका मांझी हंसते हंसते फांसी पर झूल गये. इसमें झामुमो नेता गोपाल महतो, रमेश मुर्मू, मनिल महतो, शिव शंकर महतो, चंदन महतो, राकेश रजक, होंदा दास, संतोष प्रजापति, बरूण बागती इत्यादि झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे.













