चाकुलिया: चाकुलिया पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधि को आर्थिक समस्या से जूझना पड़ रहा है. सरकार जनप्रतिनिधियों को उचित मानदेय नही देने के कारण ऐसे कई जनप्रतिनिधि है जो विभिन्न स्थानों पर फुटपाथ पर बैठकर सब्जी या अन्य सामग्री बेचकर अपनी जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसा ही एक मंजर चाकुलिया बाजार के फुटपाथ पर देखने को मिला. चाकुलिया के रेलवे अंडरपास से प्रखंड मुख्यालय जाने वाली सड़क के किनारे प्लास्टिक का बोरा बिछाकर प्रखंड के कालियाम पंचायत के वार्ड सात के पूर्व वार्ड सदस्य सह वर्तमान वार्ड सदस्य के पति शक्तिपद नायेक सब्जी बेचने को मजबूर है. शक्तिपद नायेक ने कहा कि वह मैट्रिक पास है और ओड़िशा के मयूरभंज से आईटीआई किया है. उसने कहा कि विगत पांच वर्ष तक वह पंचायत के वार्ड सात का वार्ड सदस्य रहा है और अबकी बार हुए पंचायत चुनाव में उसकी पत्नी मीना नायेक वार्ड सदस्य हैं. शक्तिपद ने कहा कि वार्ड सदस्य बनकर वे तो इमानदारी पूर्व अपने वार्ड के लोगों की सेवा करते रहे और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं. परंतु सरकार वार्ड सदस्य के साथ सौतेला व्यवहार अपना रही है. कहा कि सरकार वार्ड सदस्य को मानदेय के रूप में सिर्फ 200 रूपए देती है. आज के समय में 200 रूपए में क्या होगा, इतने में परिवार का भरण पोषण करना संभव नहीं है.(नीचे भी पढ़े)
शक्तिपद नायेक ने बताया कि उसके पांच साल के कार्यकाल में सरकार से मिलने वाली मानदेय राशि भी सिर्फ एक वर्ष का ही मिला है बाकि चार वर्ष का अबतक नही मिला है. उसने कहा कि 200 रूपए में परिवार चलाना मुश्किल है. इस कारण वह विगत एक माह से बंगाल से सब्जी खरीदकर रोजाना फुटपाथ पर बैठकर सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं. उसने कहा कि इसके पूर्व वे सरकार की मनरेगा योजना का कार्य कराते थे. इस कार्य में भी समय समय पर मजदूरों का मजदूरी भुगतान नही हो पाने के कारण मजदूर उनको घर आकर काफी खरी खोटी सुनाते थे. जिससे तंग आकर मनरेगा का कार्य कराना बंद कर वे सब्जी बेचने का कार्य करने लगे हैं. शक्तिपद नायेक ने सरकार से मांग किया है कि सरकार पंचायत के जनप्रतिनिधियों को उचित और सम्मान जनक मानदेय दे ताकि जन प्रतिनिधि सम्मान के साथ परिवार का भरण पोषण कर सकें.



