जमशेदपुर : दहेज प्रताड़ना और जबरन दवा खिलाकर गर्भपात कराने के एक मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने मंगलवार को आरोपी पति राकेश कुमार सिंह, सास पुष्प देवी और ससुर अनिरुद्ध कुमार सिंह को अदालत ने 10 साल का सश्रम कारावास और 60-60 हजार रूपए का जुर्माना का सजा सुनाई गई हैं. अदालत ने इन आरोपियों को गुरुवार को दोषी करार देते हुए हिरासत में भेज दिया हैं जबकि अदालत ने आरोपी जेठ शैलेश कुमार सिंह और जेठानी ज्योति देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था. लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में कुल सात लोगों की गवाही हुई हैं. 22 अप्रैल 2016 में खुशबू की राकेश के साथ शादी हुई थी. खुशबू का कहना हैं कि 22 अप्रैल 2016 को छोटा गोविंदपुर निवासी अनिरुद्ध सिंह के पुत्र राकेश उर्फ गुलशन के साथ हुई थी, शादी में सात लाख रूपए नकद, कपड़ा और जेवरात दिया गया था. ससुराल पहुंचते ही सास ने सारा जेवरात बैंक में रखने की बात बोलकर कर ले लिए. बात – बात पर उसके साथ मारपीट किया जाता था. पांच लाख रूपए की मांग की जाने लगी. दादी के एकाउंट से एक लाख रूपए निकालकर दिया गया. फिर भी ससुराल वालों की मांग पुरी नहीं हुई. (नीचे भी पढें)
1 सितंबर 2016 को गर्भपात करने का दिया गया दबाव :
1 सितंबर 2016 को सास,ससुर,जेठ और जेठानी बैठकर गर्भपात करा लेने की सलाह बोला पंडित को दिखाया गया हैं, पेट में पल रही लड़की हैं इस लिए गर्भपात कराने होगा, जेठानी ज्योति देवी ने बोला कि इस घर में बेटा पैदा करना होगा, बेटी के लिए उनकी भी दो बार करवा दिया गया अबॉर्शन. विरोध करन पर पति ने रात भर की पिटाई.
5 सितंबर 2016 को सास ने पहले खिलाई गोली, पेट में दर्द होने पर जेठानी ने फिर खिलाई दूसरी दवा की गोली
खुशबू ने पुलिस को बताई कि 5 सितंबर को तबीयत खराब होने पर सास ने खिलाई दवा की गोली, गोली खाने के बाद पेट में होने लगी हलचल, तो जेठानी ने दिया दूसरा गोली बोला आराम हो जायेगा. कुछ देर के बाद आंतरिक अंग से निकलने लगी ब्लड, तबीयत बिगड़ी टाटा मोटर्स अस्पताल में किया गया तो पांच दिनो के बाद डॉक्टर ने कर दिया अबॉर्शन। प्रताड़ित से तंग होकर 16 सितंबर को आ गई मायके.
अदालत ने किन -किन धाराओं में सुनाई सजा :
अदालत ने मामले के आरोपी सास,ससुर और पति को भादवि की धारा 498ए (प्रताड़ना) के तहत तीन साल और पांच हजार रुपए का जुर्माना का सजा सुनाई गई, जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास। धारा 313 (गर्भपात) के आरोप में 10 साल 50 हजार रूपए का जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर एक सालषका अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। धारा 4( दहेज अधिनियम) के तहत 5 हजार रूपए का जुर्माना का सजा सुनाई हैं. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतने का अदृश्य दिया गया हैं. अदालत ने फैसले में कहा कि सभी सजांए साथ-साथ चलेगी.











