जमशेदपुर : जमशेदपुर के टेल्को केएल 26/5 रोड नंबर 23 के रहने वाले अमन पांडेय एवं उनके साथी रंजीत और जियाउल अली अहमद ने मिलकर दफा एक्सचेंज में रूपए लगाकर 10 प्रतिशत अधिक कमाने के चक्कर में खो बैठा 8 लाख 60 हजार 277 रूपए. यह सिलसिला दिसंबर 2022 से 16 मई 2023 चलता रहा. बाद में तीनों को पता चला कि वे साइबर ठगी के शिकार हो गये है. मामला अब बिष्टुपुर साइबर थाने तक पहुंची. पुलिस एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी हुई है. अमन पांडेय का कहना था कि 1 जनवरी 2023 को उनके वाट्सएप पर एक मैसेज दफा एक्सचेंज की ओर से भेजा गया था, जिसमें बताया गया था कि रूपए का इन्वेस्टमेंट करने पर 10 प्रतिशत लाभांश मिलेगा. (नीचे भी पढ़ें)
उसने गूगल सर्च किया तो दफा का साइट मिल गया, एप डाउनलोड करने के बाद 1 जनवरी को यूपीआई के माध्यम से 1200, 3000, 2000 और 5000 रूपए भेज दिया. दूसरे दिन दफा की ओर से रूपए लौटाकर दिया. लालच में आकर अमन ने प्रतिदिन रूपए का ट्रांजेक्शन करने लगा. साथ में अपने दोस्त रंजीत के बैंक खाते से भी रूपए भेजते रहे. यह सिलसिला 16 मई 2023 तक चलता रहा. बीच में साथी मोहम्मद जियाउल अली अहमद के बैंक ऑफ इंडिया के खाते से दिसंबर 2022 को ट्रांजेक्शन किया गया था. बाद में पता चला कि अमन के कनारा बैंक लिमिटेड खाते से 6 लाख 12 हजार 277, रंजीत के कनारा बैंक खाते से 2 लाख 43 हजार और मोहम्मद जियाउद्दीन अली अहमद के बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 36 हजार रूपए की ठगी हो गई हैं.











