रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला सदर अस्पताल में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में गुरुवार को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. उपायुक्त द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ उद्घाटन समारोह में मंच पर उपस्थित सभी लोगों ने डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की खुराक लेकर अभियान को गति प्रदान की. इस अभियान के तहत जिले में 10 से 25 अगस्त तक 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत 1895 बूथों पर 3800 दवा प्रशासकों एवं 365 पर्यवेक्षकों के द्वारा 11,54,958 लोगों को डीईसी व अल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाएगी. इस दौरान 2 से 5 वर्ष की उम्र तक के बच्चों को डीईसी व अल्बेंडाजोल की 1-1 गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की 2 एवं अल्बेंडाजोल की 1 गोली तथा 15 वर्ष से अधिक के लोगों को डीईसी की 3 गोलियां व एल्बेंडाजोल की 1 गोली दी जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने बताया कि ये दवाइयां खाली पेट नहीं लेनी हैं. 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को ये दवाएं नहीं देनी हैं. उक्त कार्यक्रम का आयोजन बड़ाजामदा, मझगांव चक्रधरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं हुई हैं, क्योंकि कुछ माह पूर्व ही इन क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया जा चुका है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी हम सभी के कंधों पर है तथा अभियान से जुड़े लोगों को पूरी निष्ठा से अपने निर्धारित दायित्वों का पालन करते हुए लक्षित समूह वर्ग को दवा उपलब्ध करानी है.











