रामगोपाल जेना,चक्रधरपुर: चक्रधरपुर रेल मंडल के रेलवे स्टेशन पर तीन हूटर बजते ही रेलवे स्टेशन पर अफरा तफरी मच गयी. रेलवे यार्ड में धुआं देख लोगों को कुछ समझ नहीं आया आखिर हुआ किया. हालांकि यह कोई वास्तविक दुर्घटना नहीं थी,बल्कि आपदा से बचाव के लिए रेलवे द्वारामॉक ड्रिल था. जहां इस मॉक ड्रिल में एक ट्रेन दुर्घटना का परिदृश्य बनाया गया. जिसमें पांच यात्रियों की मौत और आठ यात्री घायल होने की स्थिति दिखाई गई. घायलों में एक यात्री गंभीर रूप से घायल दिखाया गया. यात्रियों को ट्रेन की खिड़कियां काटकर बाहर निकाला गया और उन्हें अस्थाई मेडिकल कैंप में प्राथमिक उपचार कराया गया. (नीचे भी पढ़े)

शुक्रवार की सुबह 10:45 में घटना की सूचना मिलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया, सिविल डिफेंस की टीम एनडीआरएफ 19वीं के बटालियन कमांडेंट विनय कुमार, पोड़ाहाट एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, डीएसपी, एडीआरएम अजीत कुमार, एडीआरएम ओपी विनय कुजूर, सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी, सीनियर डीएससी पी शंकर कुट्टी, रेलवे अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर एसके मिश्रा सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पहुंचकर राहत कार्य में जुटने का दृश्य प्रदर्शन किया वा मॉक ड्रिल का जायजा लिया. इस दौरान डीआरएम तरुण हुरिया ने कहा कि यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वा आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए इस तरह का अभ्यास अत्यंत आवश्यक है,जो रेलवे की हर समय अपनी तैयारी को दर्शाता है. उन्होंने कहा इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के साथ रेलवे की सतर्कता के प्रति जागरूक करना था. इस मौके पर मॉक ड्रिल में रेलवे के विभिन्न अधिकारी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के कैडेट्स, रेलवे के रनिंग, इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग, मेडिकल और कॉमर्शियल विभाग के कर्मचारी शामिल हुए.











