वॉशिंगटन : चीन और रूस से बढ़ते हवाई खतरे के बीच अमेरिका अपनी हवाई ताकत में जोरदार तरीके से इजाफा करने जा रहा है. चौथी पीढ़ी का एफ-18, एफ-35 और एफ-22 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान बनाने वाला अमेरिका अब छठी पीढ़ी के अत्याधुनिक एफ-47 फाइटर जेट पर काम कर रहा है. वहीं अब उसने एक और फाइटर जेट पर काम तेज कर दिया है. इस फाइटर जेट को अभी नाम नहीं दिया गया है लेकिन इसे एफ/ए-एक्सएक्स के नाम से बुलाया जा रहा है. इस जेट को अमेरिकी नौसेना के परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए बनाया जा रहा है जो अब चीनी हाइपरसोनिक मिसाइलों से बड़ा खतरा महसूस कर रहे हैं. इस फाइटर जेट के जरिए अमेरिका अपने दैत्याकार परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर की प्रासंगिकता को बनाए रखना चाहता है. (नीचे भी पढ़ें)

अमेरिका का एफ/ए-एक्सएक्स प्रोग्राम लंबे समय से लटका हुआ है. उधर, चीन बहुत तेजी से प्रशांत महासागर में अपनी ताकत बढ़ा रहा है. इस महीने अमेरिका की सीनेट कमेटी ने नौसेना के एफ/ए-एक्सएक्स नेक्स्ट जेनरेशन कैरियर फाइटर जेट प्रोग्राम शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. इससे अब एफ/ए-एक्सएक्स फाइटर जेट को बनाने के लिए शोध का रास्ता साफ हो सकता है. अमेरिकी नौसेना अपने एफ/ए-18ई/एफ सुपर हार्नेट की जगह पर इस नए फाइटर जेट को शामिल करना चाहती है. इस नए फाइटर जेट के जरिए अमेरिका चीन और रूस के एयर डिफेंस के खिलाफ अपनी बादशाहत को बनाए रखना चाहता है.




