जमशेदपुर : जुगसलाई नगर परिषद चुनाव में वार्ड संख्या 12 से चुनाव में खड़े युवा उद्यमी गौरव गोयल ने नामांकन के बाद अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है. गौरव ने बताया उनके चुनाव मैदान में उतरने से क्षेत्र में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है. आमजन के बीच एक नई उम्मीद और विश्वास का संचार हुआ है. गौरव गोयल का पेशेवर जीवन सशक्त और प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने 12 वर्षों से अधिक समय तक कारपोरेट क्षेत्र में कार्य किया है, जिसमें बहुराष्ट्रीय कंपनियां और प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं.जिसका अनुभव इन्हें बेहतर जुगसलाई बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है. गौरव गोयल कई वर्षों तक टाटा स्टील में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे, जहां उन्होंने नेतृत्व और प्रबंधन कौशल के साथ-साथ विभिन्न सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) पहलों के माध्यम से समाजसेवा में भी सक्रिय योगदान दिया. अपने कार्यकाल के दौरान गौरव गोयल टाउन प्लानिंग, स्वच्छता (हाइजीन) और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समितियों का हिस्सा रहे. इन दायित्वों के माध्यम से उन्होंने शहरी समस्याओं को नजदीक से समझा और उनके व्यावहारिक समाधान का अनुभव प्राप्त किया.(नीचे भी पढ़े)
सात संकल्प के साथ जनता से मांग रहे समर्थन
गौरव गोयल ने बताया कि उनका जन्म 1990 के दशक में जुगसलाई नगरपालिका अन्तर्गत एक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था. तब से लेकर आज तक जुगसलाई की कई मूलभूत समस्याएं जैसे कचरा प्रबंधन, नालियों की बदहाल स्थिति, पेयजल संकट, यातायात की अव्यवस्था, आवारा पशुओं की समस्या और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब तक स्थायी समाधान की प्रतीक्षा में हैं. यह स्थिति उन्हें लंबे समय से व्यथित करती रही है, विशेषकर तब जब उन्होंने भारत और विदेशों में बेहतर शहरी व्यवस्थाओं को करीब से देखा और उनमें कार्य किया. इसी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना के साथ उन्होंने निर्णय लिया कि अब केवल आलोचना नहीं, बल्कि स्वयं मैदान में उतरकर बदलाव किया जाएगा. उनका दृढ़ विश्वास है कि जुगसलाई को भी एक स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक नगर बनाया जा सकता है. बशर्ते ईमानदार नीयत, स्पष्ट दृष्टि और शिक्षित नेतृत्व हो. क्षेत्र में गौरव गोयल को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है. लोग इस बात से आशान्वित हैं कि सक्रिय राजनीति में पढ़े-लिखे, सुसंस्कृत और बेदाग छवि वाले लोग आगे आ रहे हैं. यह पहल जुगसलाई में नई राजनीतिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का संकेत देती है.







