जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता को लेकर गुरुवार को टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट स्थित जेनरल ऑफिस में अहम मीटिंग हुई. गुरुवार की मीटिंग दोपहर दो बजे से शाम करीब साढ़े पांच बजे तक चली. करीब साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि यह चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल के स्तर पर थी. इससे पहले सीएचआरओ जुबिन पालिया के स्तर पर मीटिंग होती थी. लेकिन गुरुवार को सीधे सीपीओ यानी चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल के स्तर पर हुई. इस मीटिंग के दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह मौजूद थे. मीटिंग के दौरान एनएस ग्रेड के डीए पर प्वाइंट में बढ़ोत्तरी का मुद्दा मुख्य तौर पर चर्चा की गयी. इस दौरान सीपीओ ने बताया कि कंपनी पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. डीए के कारण महंगाई का रेट बढ़ रहा है. ऐसे में खर्च को नियंत्रित करने के लिए जरूरत है. सीपीओ ने यह जानकारी दी कि वर्तमान में तीन रुपये प्रति प्वाइंट डीए की बढ़ोत्तरी होती है. अगर ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (एआइसीपीआइ) के तहत अगर महंगाई दर बढ़ता है तो डीए में बढ़ोत्तरी होती है. ऐसे में स्वाभाविक तौर पर पैसे बढ़ते है. कर्मचारियों को डीए की राशि बढ़कर मिलती है. फिर प्रति प्वाइंट बढ़ाने की बात करना गलत होगा. (नीचे भी पढ़ें)
ऐसे में तीन रुपये प्रति प्वाइंट रखने की बात कही गयी. लेकिन यूनियन के टॉप थ्री अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह नहीं माने. इन लोगों ने दलील दी कि एनएस ग्रेड के बने करीब 16 से 17 साल हो चुके है. उनका डीए का प्रति प्वाइंट तीन रुपये ही है. ऐसे में उनकी बढ़ोत्तरी हर हाल में होनी चाहिए. दोनों ओर से इस मसले को लेकर तनातनी हो गयी. इसके बाद मीटिंग अधूरी रह गयी. तय हुआ कि अगली बैठक में आगे की बातें होगी. (नीचे भी पढ़ें)
यूनियन को मैनेजमेंट ने कहा है कि इस मसले पर आपस में बात करें और इसका सकारात्मक रास्ता निकाले ताकि कंपनी को समग्र तौर पर विकसित किया जा सके और ग्लोबल स्तर पर जो बदलाव हो रहा है, उसको भी नजर में रखकर यूनियन फैसला करें. वैसे यूनियन ने भी मैनेजमेंट को कहा है कि मैनेजमेंट के अधिकारी भी माने कि 17 साल से एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का डीए प्रति प्वाइंट नहीं बढ़ा है. इस कारण सहानुभूतिपूर्वक इस पर फैसला लिया जाना चाहिए और इसमें हर हाल में बढ़ोत्तरी की जानी चाहिए.







