जमशेदपुर : आम आदमी के लिए ट्रेन से यात्राएं करना मजबूरी है, लेकिन ट्रेनों में यात्रियों के सामानों की सुरक्षा भगवान भरोसे होती जा रही है. ऐसी ही एक वारदात विगत 27 मार्च को 15630 नगांव एक्सप्रेस ट्रेन से असम के सिलघाट टाउन स्टेशन से टाटानगर स्टेशन तक यात्रा करनेवाली अंकिता अग्रवाल के साथ घटी है. ट्रेन के 2एसी कोच (ए-1) की सीट संख्या 20 पर यात्रा कर रहीं अंक्ता अग्रवाल के बैग से सोने के जेवरात, आइ फोन एवं नगद रुपये की चोरी हो गई. लेकिन हद तो तब हो गई जब अंकिता द्वारा शिकायत किये जाने के बाद भी आरपीएफ या जीआरपी ने कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की. (नीचे भी पढ़ें)
अंकिता अग्रवाल ने विगत शुक्रवार, 27 मार्च की सुबह सिलघाट टाउन स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू की. यात्रा के दौरान कोच के अटेंडेंट ने मुझे एक बिना सील की हुई बेडशीट दी. अटेंडेंट ने उनके मना करने पर भी उनको चादर दी, जिसे कोच में अधिक ठंड होने के कारण उन्होंने ले लिया. उन्होंने बताया कि इसके बाद वे अपना पर्स सिर के पास रख कर सो गईं. उन्होंने संदेह जताया कि इसके बाद वे शायद किसी तरह बेहोश हो गईं. सुबह 6 बजे के करीब जब उनकी नींद खुली तब ट्रेन पाकुड़ स्टेशन पार कर चुकी थी. उन्होंने अपना पर्स चेक किया तो उसमें से सोने की चार चूड़ियां, सोने का एक ब्रेसलेट, एक 13 प्रो आइफोन एवं 13 हजार रुपये गायब मिले. उन्होंने बताया किसी ने पर्स से सारे सामान निकाल कर पर्स फिर उसी स्थान पर रख दिया था. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने अपने आइ वाच से फोन को ट्रैक किया तो उसका अंतिम लोकेशन बीरभूम (पश्चिम बंगाल) का मिला. यही नहीं, उन्हें यह भी जानकारी मिली कि उसी दिन उस ट्रेन के अन्य कोचों में भी चोरी की ऐसी ही अन्य घटनाएं भी घटित हुई हैं. इसके बाद उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई. लगभग 2-3 स्टेशन के बाद आरपीएफ कर्मी उनके पास आए जरूर, लेकिन उन्होंने केवल औपचारिकता पूरी की, फीडबैक फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए और कोई वास्तविक कार्रवाई नहीं की. (नीचे भी पढ़ें)
अंकिता अग्रवाल ने संदेह जताया है कि चोरी की यह वारदात या तो कोच के अटेंडेंट या फिर पैंट्री स्टाफ द्वारा ही की गई है, क्योंकि चोर सीधे उसी स्थान पर पहुंचा जहां पर्स रखा था और जहां से मूल्यवान सामान मिल सकते थे. इसके बाद उन्होंने जीआरपी टाटानगर में जाकर प्राथमिकी दर्ज कराई और अटेंडेंट द्वारा दिया गया बेडशीट भी सबूत के रूप में उन्हें सौंपा है.




