रांची : झारखंड के कुख्यात गैंग्स्टर अमन साव के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है. रांची पुलिस उसे रायपुर जेल से वापस लेकर आ रही थी. इसी दौरान पलामू के चैनपुर के पास अमन गैंग के सदस्यों ने पुलिस काफिले पर बम से हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस हिरासत से वह भागने की कोशिश करने लगा. इसके बाद पुलिस की टीम ने उसका पीछा किया और भागने के दौरान पुलिस टीम में मौजूद एनकाउंटर स्पेशलिस्ट डीएसपी प्रमोद कुमार सिंह ने अपने सटीक निशाने से अमन साव को वहीं ढेर कर दिया. प्रमोद कुमार पलामू जिले में तैनात है. वे 1994 बैच के सब इंस्पेक्टर है और पलामू के चैनपुर थाना के प्रभारी रहे है. वे जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना में बतौर थाना प्रभारी काम कर चुके है औव अभी इंस्पेक्टर के बाद डीएसपी के पद उनका प्रोमोशन हुआ है और वे अभी एटीएस के डीएसपी है. प्रमोद कुमार सिंह 2022 में भी धनबाद के मुथूट फाइनांस में डकैती करने पहुंचे डकैतों को रोक दिया था और दो डकैतो को पकड़ा था जबकि दो लोगों को एनकाउंटर में मार गिराया था. उस मामले के बाद ही जमशेदपुर की बैंक डकैती का उदभेदन हो पाया था. वहीं, लातेहार में वे नक्सलियों को एनकाउंटर में मार गिराया था. एनकाउंटर में मारने के बाद प्रमोद कुमार सिंह अपनी बुलेट पर नक्सली के शव को लेकर थाना पहुंच गये थे. (नीचे भी पढ़ें)
ऐसे मारा गया गैंग्स्टर अमन साव
सोमवार देर शाम को 8.11 बजे रायपुर जेल से अमन साहू को एटीएस की टीम रांची ले जा रही थी. जैसे ही स्कार्पियो चैनपुर रामगढ़ रोड के अनहारी ढोंढा घाटी पहुंची. अमन साव के साथियों ने बम से स्कार्पियों पर हमला कर दिया. बमबाजी के बाद हवलदार राकेश कुमार के हाथ से रायफल छीनकर फायरिंग की कोशिश की, तभी जवाबी कार्रवाई की गयी, जिसके बाद पुलिस ने उसे मार गिराया. पूरी टीम हाइ सिक्यूरिटी सिस्टम से लैस था. इस कारण अमन साव और उसका गैंग कामयाब नहीं हुआ और मारा गया. (नीचे भी पढ़ें)
कौन था अमन साहू उर्फ अमन साव
रांची के छोटे से गांव मतबे का रहने राला था. अमन के खिलाफ राज्य भर के करीब 125 केस दर्ज है. पहली बार उसको 2019 में गिरफ्तार किया गया था. 29 सितंबर 2019 को ही फरार हो गया था. करीब तीन साल के बाद जुलाई 2022 में दोबारा उसको पकड़ा गया, जिसके बाद से वह जेल से ही अपना गैंग चला रहा था और अमन की आधुनिक हथियारों के साथ कई फोटो भी दिखी थी. माइनिंग से लेकर हर तरह के कारोबारियों के लिए वह चुनौती बना हुआ था. पलामू, लातेहार, बोकारो, चतरा, धनबाद, हजारीबाग, रांची समेत अन्य जिलों में उसके खिलाफ केस दायर है. (नीचे भी पढ़ें)
चाईबासा समेत कई जेलों में रखा गया था अमन साव को
अमन साव को पहले 29 अक्टूबर 2021 को रांची से पाकड़ जेल, फिर गिरीडीह जेल, सिमडेगा जेल, पलामू जेल, दुमका जेल के बाद 19 अगस्त 2023 को चाईबासा जेल लाया गया था. यहां से भी वह अपना रंगदारी का खेल खेल रहा था. इसके बाद उसको फिल से पलामू जेल ले जाया गया था. इसके बाद गिरीडीह जेल भेजा गया और फिर चाईबासा जेल में गिरीडीह से 21 जुलाई 2024 को लाया गया था, जहां से 13 अक्टूबर 2024 को चाईबासा जेल से रायपुर जेल भेजा गया था. (नीचे भी पढ़ें)
विकास तिवारी और अमन श्रीवास्तव पर भी अब कसेगी नकेल : डीजीपी
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि राज्य में अपराध बढ़ रहा है. इसको रोकने के लिए हर संभव कोशिश होगी. अमन साव के एनकाउंटर पर कहा है कि जेल से ही इस तरह का कांड हो रहा है. लगातार रंगादारी का खेल चल रहा है. विकास तिवारी और अमन श्रीवास्तव अब बचे हुए है. वे लोग वर्चुअल नंबर से गैंग जेल से चला रहे है. (नीचे भी पढ़ें)
रायपुर जेल में अपना फोटोशूट कराया था अमन साव ने
झारखंड पुलिस के एनकाउंटर में मारे गये गैंगस्टर अमन साहू उर्फ अमन साव 148 दिनों तक रायपुर सेंट्रल जेल में बंद था. इस दौरान उसने जेल में फोटोशूट कराया था. साव के गुर्गे ने तस्वीरें फेसबुक पर अपलोड किया, जो वायरल हो रही है.



