रांची: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार झारखंड प्रवास के तीसरे दिन रविवार को दशम जलप्रपात के परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित किया और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करते हुए दुर्गम इलाकों में तैनात बूथ लेवल अधिकारियों से सीधे संवाद किया. इस अवसर पर उन्होंने झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक जटिलताओं को देखते हुए आयोग द्वारा किए जा रहे विशेष प्रयासों की जानकारी दी. श्री कुमार ने कहा चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि देश का हर नागरिक चाहे वह किसी भी क्षेत्र में रहता हो, मतदान की प्रक्रिया में समान रूप से भाग ले सके. बीएलओ इस दिशा में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि आयोग तकनीक, नवाचार और स्थानीय जरुरतों को ध्यान में रखते हुए मतदान प्रक्रिया को लगातार अधिक प्रभावी व समावेशी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है. इस दौरान वे बीएलओ की कठिनाइयां सुनी और उनके अनुभव साझा किए. कहा कि बीएलओ को जंगलों, पहाड़ियों व सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ता है, फिर भी वे मतदान सुनिश्चित कराने के लिए पूरी निष्ठा के साथ लगे रहते है. उन्होंने कहा कि मतदाता जागरुकता व सहभागिता बढ़ाने की दिशा में आयोग की पहल है. जिसको लेकर वे बीएलओ व वॉलेटियरों से सीधा संवाद करते हुए उनका परेशानियों से अवगत हुए. इससे पूर्व पारंपरिक झारखंडी अंदाज़ में पत्तों से बने टोपी और हार पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया गया, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और जैविक विरासत का प्रतीक रहा. यह आयोजन न सिर्फ संवाद का माध्यम था, बल्कि लोकतंत्र और लोकसंस्कृति के बीच एक आत्मीय संबंध को भी रेखांकित करता है.




