जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग की ओर से शुक्रवार (30 मई) को हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया. समारोह में मुख्य अतिथि प्रभात खबर के संपादक संजय मिश्रा ने पत्रकारिता को बचाये रखने की जरूरत बताते हुए समाचारों में भाषा की शुद्धता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि धीरे धीरे हमारे बीच से उर्दू एवं कई अन्य भाषाओं के अखबार लुप्त हो चुके हैं. हिन्दी के अखबार भी लुप्त होने के कगार पर हैं. उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को बचाये रखने की जिम्मेवारी युवा पत्रकारों पर है और उनका दायित्व है कि वे हिंदी पत्रकारिता को बनाए रखें. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं समारोह के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार साहू ने कहा कि आज की पत्रकारिता वैसी नहीं रही जैसी स्वतंत्रता संग्राम के समय थी, जब पत्रकार निडर होकर सच बोलते थे. आजादी के 75 साल बाद भी उस सपने को पूरी तरह साकार नहीं किया जा सका है. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खासकर पेड न्यूज , झूठी रिपोर्टिंग और प्रोपेगेंडा हावी हो गया है. एक सच्चे पत्रकार का काम है सच्चाई को उजागर करना. उधर हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर विगत 28 एवं 29 मई को आयोजित विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया. 28 मई को निबंध लेखन एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जबकि 29 मई को एक्सटेम्पोर आयोजित हुआ. समारोह में अतिथियों ने इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया. विकसित भारत में हिंदी पत्रकारिता का योगदान विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता जबकि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास विषय पर पोस्टर निर्माण एवं पत्रकारिता से ही संबंधित एक्सटेंपोर के निर्णायक मंडल में हिंदी विभाग की डॉ पुष्पा कुमारी, वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ रूपाली पात्रा एवं वाणिज्य विभाग की डॉ ग्लोरिया पुर्ती शामिल रहीं. निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कुमारी निशा, द्वितीय मनीषा मंडल एवं तृतीय पुरस्कार अर्चना सरदार को मिला. पोस्टर निर्माण में प्रथम नाजिया परवीन, द्वितीय स्वाति कुमारी, एवं तृतीय शिवांगी कुमारी रहीं. एक्सटेंपोर में रत्नप्रिया मिश्रा प्रथम, ईशा बाग द्वितीय एवं नेहा कुमारी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया.











