जमशेदपुर : टाटा स्टील का 118वां आमसभा (एजीएम) 2 जुलाई 2025 बुधवार को आहूत की गयी है. इसका नोटिस जारी कर दिया गया है. बांबे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दी गयी जानकारी में बताया गया है कि इसमें डिविडेंट की भी घोषणा की जायेगी. 3 रुपये 60 पैसे प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंट की राशि का भुगतान शेयरधारकों को दिया जायेगा, जिस पर टीडीएस की कटौती भी होगी. टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के निधन के बाद टाटा स्टील की यह पहली आमसभा होगी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आमसभा होगी. इसका एजेंडा शुक्रवार को जारी किया गया. जारी किये गये एजेंडा में बताया गया है कि बीते वित्तीय वर्ष 2024-2025 के वित्तीय परिणाम को जारी किया जायेगा. बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और उच्च पदों पर आसीन पदाधिकारियों के वेतन को भी मंजूरी दी जायेगी. इसके अलावा नोएल टाटा की फिर से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में नियुक्ति की जायेगी. सेक्रेटरियल ऑडिटर की भी नियुक्ति की जायेगी. पांच साल के लिए यह नियुक्ति की जा रही है. 2030 में कंपनी के 123वें आमसभा में फिर से नयी नियुक्ति की जायेगी. इस नोटिस के साथ ही वार्षिक रिपोर्ट भी कंपनी ने जारी की है, जिसमें चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने संदेश में कहा है कि भारत 2026 तक दुनिया में सबसे ज्यादा स्टील खपत करने वाला देश बन सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
वित्तीय वर्ष 2024-2025 में वैश्विस स्टील उत्पादन 1.83 अरब टन पर स्थित रहा. हालांकि, कोकिंग कोल की कीमतें कम थी, फिर भी सप्लाइ चेन में अनिश्चितता के कारण मुनाफे पर दबाव महसूस किया गया. टाटा स्टील के सीइओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन और इडी व सीएफओ कौशिक चटर्जी ने कहा है कि कंपनी आगे की ग्रोथ के लिए पूंजीगत खर्च कामकाज में कुशलता और टिकाऊ विकास पर ध्यान देती रहेगी. यह बताया गया है कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 की दूसरी छहमाही में 6200 करोड़ रुपये का कर्ज कम किया है, जिससे उसका कुल नेट कर्ज घटकर 82579 करोड़ रुपये रह गया है. कंपनी के वित्तीय वर्ष 2024-2025 का वास्तविक आंकड़ा भी वार्षिक रिपोर्ट में पेश की है. वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया कि टाटा स्टील ने भारत में 4.29 फीसदी का ग्रोथ कर 21.68 मिलियन टन का प्रोडक्शन किया है, जबकि पूरे टाटा स्टील समूह का 30.92 मिलियन टन प्रोडक्शन हुआ है, जो 3.28 फीसदी का ग्रोथ है. इसी तरह स्टील की डिलीवरी में भी ग्रोथ है. स्टील की डिलीवरी भारत में 20.94 मिलियन टन किया गया है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 5.20 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. वहीं, पूरे समूह का डिलीवरी 30.96 मिलियन टन हुआ है, जिसमें 5.33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील के कुल टर्नओवर में कमी आयी है. टाटा स्टील का भारत में टर्नओवर 1,33,444 करोड़ रुपये रहा है, जो 6.58 फीसदी पिछले साल से कम है. वहीं, टाटा स्टील समूह का टर्नओवर इस साल 2,18,543 करोड़ रुपये रहा है, जो 4.64 फीसदी पिछले साल से कम है. टाटा स्टील का भारत में कुल मुनाफा टैक्स की देनदारी के बाद 13,803 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल से 6.12 फीसदी कम थी. वहीं, पूरे समूह का टैक्स की देनदारी के बाद का मुनाफा 3174 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें 165 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है. पिछले साल कंपनी को 4909.61 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. नगद प्रवाह 23512 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2024-2025 में रहा है. टाटा स्टील के कर्मचारियों की उत्पादकता में बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है. जारी किये गये आंकड़े के मुताबिक, 747 टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष स्टील का प्रोडक्शन कर रहा है. दूसरी ओर, टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन और इडी कौशिक चटर्जी के वेतन के मद में हुए भुगतान की भी जानकारी साझा किया गया है जबकि डायरेक्टरों को दिये गये भुगतान की भी अधिकारिक जानकारी दी गयी है. इसके तहत टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन का सालाना बेसिक के रूप में 219.49 लाख रुपये और परक्विजिट एलाउंस (सारी सुविधा) 309.78 लाख रुपये रहा यानी फिक्स सैलरी 529.27 लाख रुपये मिली. कमीशन के तौर पर 1200.00 लाख रुपये का भुगतान किया गया. इस तरह कुल 1729.27 लाख रुपये दिये गये हैं. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, इडी कौशिक चटर्जी का सालाना बेसिक के रूप में 194.01 लाख रुपये और परक्विजिट एलाउंस के रूप में 355.98 लाख रुपये यानी फिक्स सैलरी कुल 549.99 लाख रुपये मिली. कमीशन के तौर पर 850.00 लाख रुपये दिये गये हैं. कुल 13 करोड़ 99 लाख 99 हजार रुपये दिये गये हैं. एन चंद्रशेखरन बतौर चेयरमैन कोई कमीशन नहीं लेते हैं. उन्हें सीटिंग फीस 3.20 लाख रुपये दिये गये हैं. वाइस चेयरमैन नोएल नवल टाटा को 160.00 लाख रुपये कमीशन और 4.40 लाख रुपये सीटिंग फीस के साथ कुल 164.40 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. निदेशक सौरभ अग्रवाल को 6.40 लाख रुपये सीटिंग फीस दी गयी है. दीपक कपूर को 167.60 लाख रुपये कमीशन और फीस, फरिदा खम्बता को 74.80 लाख रुपये कमीशन और सीटिंग फीस, वीके शर्मा को 129.40 लाख रुपये कमीशन और सीटिंग फीस, भारती गुप्ता रामोला को 117.60 लाख रुपये कमीशन और सीटिंग फीस, डॉ शेखर सी मांडे को 94.00 लाख रुपये, प्रमोद अग्रवाल को 37.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया है.




