चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड में शिक्षा विभाग की लापरवाही का एक मामला सामने आया है. सोमवार को सरकार की ओर से प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों में वितरण के लिए भेजी गई पाठ्य पुस्तकें और कॉपियां बच्चों तक तो नहीं पहुंच पाईं, किन्तु उक्त पुस्तकें और कॉपियां रद्दी के भाव में बिकने के लिए टाल तक जरूर पहुंच गईं. सोमवार दोपहर चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के मिस्त्रीपाड़ा स्थित विलय हुए विद्यालय भवन में स्टॉक कर रखी गई पाठ्य पुस्तकें और कॉपियां एक टेंपो में लाद कर पुराना बाजार स्थित स्थानीय एक स्क्रैप टाल में बेचने के लिए लाई गईं. (नीचे भी पढ़ें)

ग्रामीणों की जब इस पर नजर पड़ी तो लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. टेंपो चालक आनन-फानन में उक्त पुस्तकें और कॉपियां स्क्रैप टाल में उतार कर वहां से भाग निकला. लोगों ने कहा कि शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की मिली भगत से बिचौलियों का हौसला बुलंद हुआ है. उन्होंने कहा कि बिचौलियों द्वारा वर्ष 2025-26 में विद्यार्थियों के बीच वितरण के लिए आई नयी किताबें एवं कॉपियां अवैध रूप से दिनदहाड़े रद्दी के भाव में बेची जा रही हैं. लोगों ने कहा कि अब तक यह पाठ्य पुस्तकें विद्यार्थियों के पास तक तो नहीं पहुंच पाईं, लेकिन वही पुस्तकें टाल में बिकने के लिए पहुंच गई हैं. लोगों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी जांच कर दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई किये जाने की मांग की है. (नीचे भी पढ़ें)

इस संबंध में स्क्रैप टाल संचालक से संपर्क नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है. वहीं इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है, वे विभाग की ट्रेनिंग में आए हुए हैं. उन्होंने इस मामले पर बीपीओ को संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा मिस्त्री पाड़ा स्थित विलय हुए विद्यालय भवन में पुस्तकों का स्टॉक भवन बनाया गया था और वहां एक नाइट गार्ड भी नियुक्त है. नाइट कार्ड के पास ही स्टॉक भवन की चाबी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी.



