जमशेदपुर : टाटा स्टील और टाटा स्टील ग्रुप ने मणिपाल मेडिकल कॉलेज के मणिपाल, मैंगलोर, बंगलुरु और जमशेदपुर के सेंटर में दाखिला के लिए कंपनी के कर्मचारियों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप आमंत्रित किया गया है. टाटा स्टील या टाटा स्टील समूह के कंपनियों में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों को स्कॉलरशिप (छात्रवृति) दिया जायेगा. कर्मचारी को सक्रिय सेवा में होना चाहिए और अपने बच्चों के कोर्स में प्रवेश के समय कम से कम तीन साल तक टाटा स्टील या किसी टाटा स्टील समूह की कंपनी में काम करना चाहिए. जिन कर्मचारियों ने प्रवेश के समय तीन साल की सेवा पूरी नहीं की है, वे पात्र नहीं हैं. हालांकि, अगर उनके बच्चे का पहले से ही नामांकन है, तो वे तीन साल पूरे करने के बाद आवेदन कर सकते हैं. छात्रवृति केवल शेष कोर्स अवधि को कवर करेगी. अगर छात्र ने माता-पिता के तीन साल पूरे होने से पहले कोर्स पूरा कर लिया है, तो कोई प्रतिपूर्ति नहीं होगी. मणिपाल इकाइयों में सामान्य श्रेणी के तहत डिग्री, डिप्लोमा (मेडिकल), स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों के लिए यह उपलब्ध है. (नीचे भी पढ़ें)
छात्रवृति प्रति कर्मचारी अधिकतम दो अविवाहित बच्चों को प्रदान की जाती है और पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा होने पर जारी रहती है. मेडिकल और डेंटल के लिए सामान्य योग्यता के अनुसार एनइइटी (निट) के माध्यम से प्रवेश मिलेगा. वहीं, बीटेक और बी फार्मा के सामान्य श्रेणी रैंक के साथ मणिपाल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश होगा. इनसे परे रैंक वाले छात्र अयोग्य हैं और उन्हें पूरी फीस देनी होगी. बीटेक में केवल 10000 रैंक तक और बी फार्मा में केवल 1500 रैंक तक को ही यह छात्रवृति मिलेगी. अन्य पाठ्यक्रम के लिए चयन मानदंड के अनुसार कुल मिलाकर न्यूनतम 70 फीसदी अंक या सीजीपीए 7 के साथ मणिपाल प्रवेश परीक्षा या मेरिट सूची के माध्यम से प्रवेश मिलेगा. 70 फीसदी से कम अंक या सीजीपीए 7 वाले छात्र पात्र नहीं हैं और उन्हें पूरी फीस देनी होगी.











