जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी आदर्शनगर की 83 वर्षीय पैट्रिक मेजोरी सैंडीस के पार्थिव देह को स्वर्णरेखा बर्निंग घाट में अग्नि को समर्पित किया गया. फिर उसकी अस्थियों को बेलडीह कब्रिस्तान में दफना दिया गया. कोलकाता से पहुंचे बेटे पॉल सैंडिस और इयन सैंडीस के अनुसार मां की जमशेदपुर में पैदाईश, कॉन्वेंट से शिक्षा और यहीं पली-बढ़ी फिर उनका विवाह जमशेदपुर के एंग्लो इंडियन एआरसी सेंडिस से हो गया. टाटा स्टील और एचसीएल में नौकरी की और यहां की संस्कृति से काफी प्रभावित रही. दिल्ली की एक पब्लिशिंग हाउस में कार्यरत बेटी ग्लैंडा सैंडीस कहती है, मिलने या सामान्य बातचीत में मां, यही अंतिम इच्छा जाहिर करती कि उसके मौत के बाद शरीर को जलाया जाए और फिर अस्थियों को दफना दिया जाए. (नीचे भी पढ़े)

पेट्रिसिया की बहन डोरीन हर्न की मौत कनाडा में हो गई थी और उसने भी यही अंतिम इच्छा जाहिर की थी. कनाडा में दाह संस्कार के बाद उसकी अस्थि जमशेदपुर मंगाई गई और बेलडीह कब्रिस्तान में माता पिता के कब्र के बगल उसे दफना दिया गया था. अब पेट्रिसिया की कब्र भी माता पिता और बहन के साथ बनी है. सोमवार को मां की मृत्यु इलाज के क्रम में टाटा मेन हॉस्पिटल में हो गई. इसके बाद हम तीनों भाई बहनों ने नजदीकी रिश्तेदारों से उनकी अंतिम इच्छा बताई और चर्च को भी इससे अवगत करा दिया. सभी ने अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए कहा। बर्निंग घाट कमेटी विशेषकर गणेश राव ने काफी सहयोग दिया. बुधवार की सुबह सेंट जॉर्ज चर्च बिष्टुपुर में अंतिम प्रार्थना हुई और उसके बाद स्वर्णरेखा बर्निंग घाट में संस्कार हुआ। वहां से मिली अस्थियों को बेलडीह कब्रिस्तान में शाम को दफना दिया गया. इस दरमियान फादर विजय नाग ने बाइबिल पाठ किया। जेम्स दयाल, कॉलिन, सुजीत मिश्रा, डिन डिसूजा, नेवल मैथ्यूज, रॉनी डीकोस्टा, हिलेरी डिसूजा, अभिजीत बलमुचू, यूस्टेज नीड, सैंड्रा, अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह, मानवाधिकार कार्यकर्ता पीके दास आदि उपस्थित रहे.



