रांची: झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह, झरिया के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में करीब आठ वर्षों से जेल में थे, को सोमवार शाम रांची स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (रिनपास) से छुट्टी दे दी गई. सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत के बाद ट्रायल कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया, जिसके तहत उन्हें रिनपास से बाहर लाया गया. रिहाई के बाद संजीव सिंह अपने समर्थकों के साथ रिनपास से बाहर निकले, लेकिन उन्हें फिलहाल धनबाद जाने की अनुमति नहीं है. वे रांची में ही निवास करेंगे. रिहाई के बावजूद संजीव सिंह फिलहाल धनबाद नहीं जा सकते. जमानत की शर्तों के अनुसार उन पर यह प्रतिबंध लगाया गया है. (नीचे भी पढ़े)
इस बीच, मामले में न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई आगे भी जारी रहेगी. विदित हो कि यह मामला 21 मार्च 2017 का है, जब धनबाद के सरायढेला इलाके में नीरज सिंह, उनके दो अंगरक्षक और एक ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में संजीव सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. विदित हो कि संजीव सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सन्नी चौधरी की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ, न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनबी अंजारिया ने उन्हें जमानत देने का निर्णय सुनाया. साथ ही धनबाद जाने पर रोक भी लगाया. जैसा की जमानत की शर्तो के अनुसार उनपर धनबाद जाने पर रोक लगाया गया है. अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने जानकारी दी कि ट्रायल कोर्ट ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार जमानत पर रिहाई की प्रक्रिया पूरी की.उल्लेखनीय है कि संजीव सिंह 11 अप्रैल 2017 से न्यायिक हिरासत में थे और उनकी जमानत याचिकाएं पहले निचली अदालत और उच्च न्यायालय में कई बार खारिज हो चुकी थीं.











