चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा जिला में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के उग्रवादियों के विरूद्ध झारखण्ड पुलिस की कार्रवाई जारी, भारी मात्रा में हथियार, कारतूस, मैगजीन, नक्सली पर्चा एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामान बरामद, सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली. पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा जिला में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भा०क०पा० (माओ०) का एरिया कमांडर अरूण उर्फ वरूण उर्फ निलेश मदकम थाना कोन्टा जिला सुकमा राज्य छत्तीसगढ़ को सुरक्षा बलों के द्वारा मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया. (नीचे भी पढ़ें)
सुरक्षा बलो की इस कार्रवाई से नक्सलियों में मची भगदड़, कई नक्सलियों की घायल होने की आसूचना एवं कई नक्सली दस्ता छोड़कर भाग खड़े हुए. झारखण्ड पुलिस (चाईबासा पुलिस) ने पुलिस से लूटे गये 04 हथियार बरामद किये. झारखण्ड पुलिस (चाईबासा पुलिस) का पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा जिलान्तर्गत सक्रिय प्रतिबंधित नक्सली संगठन भा०क०पा० (माओ०) के उग्रवादियों से आत्मसमर्पण करते हुए मुख्य धारा में जुड़ने का आह्वान किया. प्रतिबंधित भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन अपने दस्ता सदस्यों के साथ कोल्हान व सारंडा क्षेत्र में पुलिस एवं सुरक्षा बलों को नुकसान पहुँचाने तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए लगातार भ्रमणशील है. (नीचे भी पढ़ें)
इस दस्ते पर प्रभावी कार्रवाई हेतु समय-समय पर प्राप्त आसूचना के आधार पर झारखण्ड पुलिस, कोबरा, सी०आर०पी०एफ० एवं झारखण्ड जगुआर इत्यादि बलो द्वारा अभियान संचालित किया जाता है. पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा को गुप्त आसूचना प्राप्त हुई कि प्रतिबंधित भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के शीर्ष नक्सली अपने दस्ता के विभिन्न कमांडरों जैसे-रवि सरदार, जयकांत, अरूण, संदीप, शिवा, रिसीभ, अपटन, सनत, अमित मुण्डा, भुनेश्वर उर्फ सालुका कायम सोमवारी एवं अन्य सदस्यो के साथ स्वतंत्रता दिवस-2025 के अवसर पर कोल्हान क्षेत्र में कुछ बड़ी घटना कारित करने हेतु इकट्ठा हुए. (नीचे भी पढ़ें)
उक्त आसूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु समादेष्टा, कोबरा-209 बीएन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान), चाईबासा के सुक्ष्म निर्देशन में झारखण्ड पुलिस (चाईबासा पुलिस) एवं कोबरा 209 BN की संयुक्त टीम गठन कर अभियान प्रारंभ किया गया. उक्त अभियान के क्रम में गोईलकेरा थानान्तर्गत दुगुनिया, पोसैता, तुम्बागाड़ा के आस-पास के जंगली व पहाड़ी क्षेत्र में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भा०क०पा० (माओ०) उग्रवादियों के साथ सुरक्षा बलो की मुठभेड़ हुई थी. जिसमें प्रतिबंधित नक्सली संगठन भा०क०पा० (माओ०) का एरिया कमांडर अरूण उर्फ वरूण उर्फ निलेश मदकम थाना कोन्टा जिला सुकमा राज्य छत्तीसगढ़ मारा गया था. (नीचे भी पढ़ें)
उक्त मुठभेड़ के पश्चत आस-पास के क्षेत्रों में लगातार सर्च अभियान चलाया गया, जिस दौरान भारी मात्रा में हथियार, कारतूस एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामान बरामद की गई. (नीचे भी पढ़ें)
झारखण्ड पुलिस (चाईबासा पुलिस) का बचे हुए सभी नक्सलियों से अपील की जाती कि वे हिंसावादी विचारधारा को छोड़कर आत्मसमर्पण करें तथा झारखण्ड सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ लेकर मुख्य धारा से जुड़ें. झारखण्ड सरकार के द्वारा आत्मसमर्पण नीति को और अधिक सुगम बनाया गया है. जिससे आत्मसमर्पित नक्सली को 24 घंटे के अंदर ओपेन जेल में शिफ्ट किया जा सकेगा. सभी नक्सली सरकार द्वारा दी जा रही इस सुविधा का लाभ उठाये तथा नक्सलवाद विचारधारा को त्याग मुख्यधारा में शामिल हों. उनके अड्डे से एस०एल०आर० रायफल-04, जिन्दा कारतूस-527, एस०एल०आर० मैगजीन-09, खोखा-09, एल०एम०जी० मैगजीन-01, डेटोनेटर-03, मैगजीन पाउच-05, पिट्टू-06, नक्सली वर्दी-03, नक्सली पर्चा, बैटरी-18, जंगल शूज-01, बेल्ट-01अन्य दैनिक उपयोग की सामान जब्त किये गए है.











