रांची : झारखंड के मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद नए मंत्री की तलाश शुरू हो गई है. वही रामदास सोरेन की जगह घाटशिला विधानसभा सीट से कौन चुनाव लड़ेगा इसको लेकर चर्चा एक बार फिर से तेज है. इस सीट से पिछले चुनाव में रामदास सोरेन ने जीत दर्ज की थी जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को भाजपा ने अपना उम्मीदवार यहां से बनाया था. सूत्र बताते हैं कि भाजपा एक बार फिर से बाबूलाल सोरेन पर अपना भाग्य आजमा सकती है और फिर से टिकट दिया जा सकता है. झारखंड मुक्ति मोर्चा यहां से रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन को टिकट दे सकती है. वैसे चर्चा यह भी है कि रामदास सोरेन के बेटे को पहले मंत्री बनाया जाएगा, उसके बाद विधानसभा का टिकट देकर घाटशिला से चुनाव लड़ाया जाएगा ताकि सहानुभूति वोट भी मिल सके. लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा में हाल ही में शामिल हुए लक्ष्मण टुडू को भी वहां का मुख्य दावेदार माना जा रहा है.(नीचे भी पढ़े)
वैसे मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन पहले ऐसा प्रयोग कर चुके हैं कि जब पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी की मौत हुई तो उसके बाद उनके बेटे हफीजुल अंसारी को पहले मंत्री बनाया फिर उनको अपने पिता के सीट से चुनाव लड़ा कर जिताया. इसी तरह शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की मौत के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को पहले मंत्री बनाया फिर विधायक का टिकट देकर उनकी सीट से चुनाव जिताया. उनका यह फार्मूला हमेशा कारगर साबित हुआ है जिस कारण यह उम्मीद जताई जा रही है कि रामदास सोरेन की सीट पर उनके बेटे सोमेश सोरेन को टिकट दे दिया जाए लेकिन उसके पहले उनको मंत्री पद की शपथ दिलाई जाए. फिलहाल रामदास सोरेन के स्कूली शिक्षा और निबंधन विभाग का मंत्रालय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पास ही रखे हैं. रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट और मंत्री पद को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है.











