चांडिल: सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के आसनबनी पंचायत में सोमवार को आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की रैयती भूमि और पारंपरिक जातंल पूजा स्थल पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया गया. उसके बाद मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियारों से लैस होकर विरोध किया और कंक्रीट बाउंड्री को उखाड़ फेंकते हुए अतिक्रमणकारियों को खदेड़ दिया. (नीचे भी पढ़े)
ग्रामीणों ने ऐलान किया कि वे जान देंगे लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे और आस्था पर खिलवाड़ होने नहीं देंगे. उन्होंने उच्च न्यायालय में न्याय के लिए गुहार लगाने का भी निर्णय लिया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह भूमि टाटा-रांची मुख्य मार्ग पर स्थित है जिसकी कीमत करोड़ों रुपये से अधिक है. वर्ष 1964- 65 के सर्वे सेटलमेंट मुकदमे में अदालत ने इस भूमि का मालिकाना हक पहाड़िया परिवार को दिया था. (नीचे भी पढ़े)
इसके बावजूद भूमाफिया बार-बार फर्जी कागजात बनाकर खरीद-बिक्री और कब्जे की कोशिश कर रहे हैं. ग्रामीणों ने एपेक्स कंपनी पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सत्ता पक्ष के दबंग और असामाजिक तत्व पंचायत भवन के सामने दहशत का माहौल बना रहे हैं. आदिवासी समुदाय का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार एक ओर विलुप्त परिवारों के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये मुहैया कराती है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की उदासीनता से भू-माफिया हावी हो रहे हैं.











