जमशेदपुर : टाटा स्टील में बोनस समझौता गुरुवार को होगा. इसको लेकर तैयारी कर ली गयी है. बुधवार को टाटा स्टील के एचआरएम से जुड़े अधिकारियों के बीच लगातार मंथन हुआ. इसमें यह तय हो गया है कि पुराना फार्मूला के तहत ही बोनस समझौता होगा. बताया जाता है कि पुराना फार्मूला के तहत ही बोनस समझौता अगर होता है तो भी इस बार बोनस की राशि में काफी कमी आयेगी. इसकी वजह है कि कंपनी ने अपना पूरा खाका पेश किया है, जिसमें बताया गया है कि कंपनी का मुनाफा इस बार पिछले साल से काफी कम हुआ है. इस कारण बोनस की राशि घट जायेगी. बताया जाता है कि पिछले साल 303.13 करोड़ रुपये बोनस के मद में फार्मूला के आधार पर मिला था, जिसको बांटा गया था. इस बार यह राशि पुराना फार्मूला के तहत ही 273 करोड़ रुपये ही हो पायी है. पिछले साल से करीब 30 करोड़ रुपये कम बोनस के मद में होने जा रहा है. इससे कर्मचारियों का बोनस की राशि घट सकती है. बुधवार को हुई वार्ता में टाटा स्टील के एचआरएम के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल 11275.09 करोड़ रुपये मुनाफा कंपनी को हुआ था. इसमें मेरामंडली और एनआइएनएल का मुनाफा शामिल नहीं है. मेरामंडली और एनआइएनएल का अलग से बोनस समझौता होता है. पिछले साल एनआइएनएल का मुनाफा 3690.12 करोड़ रुपये हुआ था. वहीं, मेरामंडली का मुनाफा इस साल 3268.72 करोड़ रुपये हुआ है. इस साल पूरे ग्रुप का मुनाफा 12523 करोड़ रुपये हुआ है, जिसमें मेरामंडली की आमदनी 3268.72 को घटाने के बाद कंपनी का इस साल का मुनाफख़ 9255 करोड़ रुपये हुआ है. साल कंपनी के मुनाफा 11275.09 करोड़ रुपये के बदले 169.13 करोड़ रुपये हुआ था. इसी तरह प्रोफिटेबिलिटी पर पिछले साल 49 करोड़ रुपये हुआ था, जो इस साल घटकर करीब 41 करोड़ रुपये हो गया है. (नीचे भी पढ़ें)
प्रोडक्टिविटी के मद में पिछले साल 80 करोड़ रुपये मिला था, जिसमें यह राशि घटेगी. एलटीएफआइआर के मद में 5 करोड़ रुपये बोनस में पिछले साल भी मिला था और इस साल भी मिलेगा. ऐसे में तय फार्मूला के तहत कुल 273 करोड़ रुपये ही बोनस की राशि मिल रही है. अब टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु पर सारा दारोमदार है कि वो कितना राशि बोनस के मद में बढ़ा पाते है. बताया जाता है कि गुरुवार को टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन और चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल के साथ अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु की बैठक होगी, जिसमें अतिरिक्त राशि दिलाने की मांग होगी.
क्या है बोनस का फार्मूला और क्या था पिछले साल का बोनस :
पुराना बोनस का फार्मूला वर्ष 2014 में तैयार किया गया था. यह समझौता तीन साल के लिए था, लेकिन इसके बाद हर साल इसके आधार में करीब 10 साल से बोनस समझौता हो रहा है. फार्मूला के तहत बोनस की राशि प्रोफिट का 1.5 फीसदी, प्रोफिटेबिलिटी (प्रति टन सेलेबल स्टील पर लाभ), प्रोडक्टिविटी (प्रति टन क्रूड स्टील का प्रति व्यक्ति वार्षिक उत्पादन) और सेफ्टी (एलटीआइआर) को तय किया गया है. पिछले साल 9 सितंबर 2024 को बोनस समझौता हुआ था. इसमें कर्मचारियों को बोनस मद में कुल 303.13 करोड़ रुपये (करीब 17.89 फीसदी) मिली थी. पिछले साल कंपनी के मुनाफा 11275.09 करोड़ रुपये के बदले 169.13 करोड़ रुपये, प्रोफिटेबिलिटी पर 49 करोड़ रुपये, प्रोडक्टिविटी पर 80 करोड़ रुपये और एलटीआइएफआर पर 5 करोड़ रुपये मिले थे. कुल 26479 कर्मचारियों के बीच बोनस की राशि बांटी गयी थी. इसमें 11654 कर्मचारी सिर्फ जमशेदपुर के थे. जमशेदपुर में कुल 168.64 करोड़ रुपये बोनस के तौर पर बंटे थे. इसमें ओल्ड सीरीज (स्टील वेज) के कर्मचारियों का अधिकतम बोनस 4 लाख 9 हजार 462 रुपये थख़ जबकि न्यू सीरीज (एनएस ग्रेड) के कर्मचारियों का अधिकतम बोनस 1 लाख 13 हजार 515 रुपये था और न्यूनतम राशि 38 हजार 203 रुपये था. कर्मचारियों का औसत बोनस 1 लाख 44 हजार 706 रुपये मिला था.





