बहरागोड़ा : बहरागोड़ा और चाकुलिया प्रखंड में पारंपरिक करमा-धरमा पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ की गई. यह पूजा हर साल एकादशी के मौके पर होती है. इसमें बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं. इस मौके पर बहरागोड़ा कॉलेज परिसर में स्थित करम पेड़ के नीचे पुजारी मोतीलाल सिंह मुंडा ने पारंपरिक रीति रिवाज व विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना संपन्न कराई. पूजा में कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास के स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए. पुजारी मोतीलाल सिंह मुंडा ने बताया कि करमा पूजा के दौरान जावा रखा जाता है. इसमें सात तरह के अनाज मिलाकर अंकुर उगाए जाते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद करम वृक्ष की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इसमें परिवार और पूरे गांव की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है. पूजा को लेकर गांव में दिनभर उत्साह का माहौल रहा. शाम होते ही पूजा स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी. वहीं चाकुलिया के गोबिंदपुर गांव के बिरसा मुंडा देशुआ जायरा गाढ़ परिसर में मुंडा माहाल समिति के तत्वावधान में हर्षोल्लास के साथ करमा पूजा की गई. देर शाम में समाज की महिलाएं मादर की थाप पर करम पेड़ की डाली लेकर नाचते हुए पूजा स्थल पहुंचे और करम पूजा प्रारंभ की।देर रात तक सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ।पूजा को सफल बनाने में अध्यक्ष शंकर मुंडा, उपाध्यक्ष जितेन मुंडा, सचिव सोनू मुंडा, संतोष मुंडा, चुनाराम मुंडा, रंजित मुंडा, मंटू मुंडा, झंटु मुंडा, दिपु मुंडा, बुधु मुंडा समेत अन्य ने अहम भूमिका निभाई.















