रामगोपाल जेना,पोड़ाहाट: वन प्रमंडल चाईबासा जंगल और गांव के बीच बढ़ते मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने के लिए पोड़ाहाट वन प्रमंडल ने तकनीक का सहारा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है. हाथियों की आवाजाही वाले संवेदनशील इलाकों में अब ‘एलीफेंट अलर्ट सायरन सिस्टम’ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करेगा. खास बात यह है कि यह सिस्टम सोलर लाइट से लैस है और मोबाइल कॉल के जरिए तत्काल सक्रिय किया जा सकता है.इसी कड़ी में सितंबर माह में बारंगा उरकिया चौक, बन्दुनासा, बागचाता और कुरना में चार नए सायरन सिस्टम स्थापित किए गए हैं. इससे पहले जुलाई में कुम्हारमुंडा, धानापाली, अभयपुर और प्रधानपाली में चार सायरन लगाए गए थे. इस तरह पोड़ाहाट वन प्रमंडल के संवेदनशील क्षेत्रों में अब कुल 8 स्थानों पर एलीफेंट अलर्ट सायरन सिस्टम स्थापित हो चुका है. हाथियों की आहट मिलते ही गांव में बजेगा सायरनइस आधुनिक सिस्टम में संबंधित वनरक्षी, प्रभारी वनपाल, स्थानीय मुखिया, मुंडा और ग्राम वन प्रबंधन समिति के सदस्यों के मोबाइल नंबर पहले से दर्ज किए गए हैं. जैसे ही किसी क्षेत्र में हाथियों की गतिविधि की सूचना मिलती है,अधिकृत व्यक्ति अपने मोबाइल से कॉल कर सायरन को सक्रिय कर सकता है. सायरन की तेज आवाज आसपास के ग्रामीणों तक तत्काल चेतावनी पहुंचाएगी. (नीचे भी पढ़े)
इससे ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने, खेतों या जंगल की ओर जाने और हाथियों के रास्ते में आने से बचने का समय मिल सकेगा. सायरन पोल पर सोलर लाइट भी लगाई गई है. इससे रात के समय आसपास रोशनी उपलब्ध रहेगी और हाथियों की गतिविधियों के दौरान निगरानी में भी मदद मिलेगी. बिजली पर निर्भरता कम होने के कारण दूर-दराज के वन क्षेत्रों में यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है. तकनीक के साथ ग्रामीणों की सतर्कता भी जरूरीपोड़ाहाट वन प्रमंडल का यह प्रयास मानव और हाथी के बीच टकराव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, सायरन के साथ ग्रामीणों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है. वन विभाग ने अपील की है कि हाथियों की गतिविधि की जानकारी मिलते ही अधिकृत प्रतिनिधियों या वन कर्मियों को तत्काल सूचना दें और स्वयं हाथियों के करीब जाने या उन्हें उकसाने से बचें.8 रणनीतिक स्थानों पर सायरन की स्थापना के बाद अब हाथी प्रभावित गांवों में खतरे की सूचना तेजी से पहुंचाने और ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करने की व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है.




