जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विवि की कुलपति प्रो इला कुमार के मार्गदर्शन में दो दिवसीय राज्य स्तरीय एनएसएस सम्मेलन में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए. राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) युवाओं में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है.इसी उद्देश्य से एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय, पटना, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा एमवाई भारत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राज्य स्तरीय एनएसएस सम्मेलन-2026 का आयोजन 21–22 सितंबर 2026 को एसएस कॉलेज, पटना में किया गया. सम्मेलन का उद्घाटन सोमवार को ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने किया. इस अवसर पर एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार, एसएस कॉलेज की प्राचार्या प्रो.रत्ना अमृत, विभाग के निदेशक विकास कुमार तथा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.अबु बकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.उद्घाटन सत्र में मंत्री ने कहा कि एनएसएस युवाओं में सेवा,सामाजिक संवेदनशीलता,नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है.(नीचे भी पढ़े)

स्वच्छ भारत अभियान,‘एक पेड़ मां के नाम, जल-जीवन-हरियाली तथा अन्य सामाजिक अभियानों के माध्यम से युवाओं को समाज से जोड़ना आवश्यक है.सम्मेलन में बिहार की 30 विश्वविद्यालयों तथा झारखंड की 22 विश्वविद्यालयों से एनएसएस के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की. इस व्यापक सहभागिता के माध्यम से दोनों राज्यों में एनएसएस द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक, सामुदायिक एवं युवा-केंद्रित गतिविधियों, उपलब्धियों और उत्कृष्ट कार्य प्रणालियों को साझा किया गया.सम्मेलन के प्रथम दिन स्टेट वाइज एनएसएस पीपीटी प्रेजेंटेशन के तहत बिहार एवं झारखंड में एनएसएस की गतिविधियों और उत्कृष्ट कार्य प्रणालियों को साझा किया गया. इसके बाद नए ज़माने की स्वयंसेवा,, जमीनी स्तर पर एनएसएस गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समूह कार्य जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित हुए.इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, से एनएस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ डी पुष्प लता ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया.दूसरे दिन सम्मेलन में विकसित भारत @2047 में एनएसएस यूथ की भूमिका –नॉट मी,बट यू से नेशन फस्ट तक, ‘रॉल आफ यूथ इन विकसित भारत @2047’तथा पीएफएमएस & टीएसए हाइब्रिड मॉडल पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए. .(नीचे भी पढ़े)
साथ ही विभिन्न समूहों ने एनएसएस से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं और जमीनी स्तर पर एनएसएस गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव एवं कार्ययोजनाएं साझा कीं. सम्मेलन का समापन प्रमाण-पत्र वितरण, समूह फोटो एवं प्रतिभागियों के बीच विचारों के अनौपचारिक आदान-प्रदान के साथ हुआ. सम्मेलन ने बिहार एवं झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों के एनएसएस पदाधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने अपने अनुभवों, नवाचारों और कार्यप्रणालियों को साझा किया.




