चाकुलिया : पूर्वी सिंहभूम जिला के बहरागोड़ा और चाकुलिया प्रखंड में साल में एक बार किसान अपनी जमीन पर धान की खेती करते हैं. धान की खेती किसानों के लिए साल भर के भरन पोषण और कमाई का मुख्य जरिया है. धान की फसल की कटाई के वक्त आई अर्नब तूफान की चेतावनी से क्षेत्र के किसान अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं. क्षेत्र के किसानों ने कहा कि क्षेत्र के अधिकांश किसान धान की खेती करने के लिए पूर्ण रूप से मॉनसून पर निर्भर रहते हैं और बरसात के पूर्व खेती कार्य प्रारंभ कर देते हैं. किसी तरह मेहनत कर धान की खेती करते हैं ताकि साल भर परिवार के लिए भरन पोषण कर सकें. क्षेत्र के किसान पहले से ही हाथियों द्वारा किए जा रहे फसल बर्बाद से त्रस्त है और अब मौसम की मार अर्नब तूफान को लेकर काफी चिंतित हैं. (नीचे भी पढ़ें)
अगर बारिश और हवा चली तो खेत में तैयार धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचेगा और उन्हें हजारों रूपए का नुकसान होगा. ज्ञात हो कि मौसम विभाग ने झारखंड में अर्नब तूफान को लेकर 28 और 29 अक्टूबर को अलर्ट किया है और मौसम भी बदला हुआ है. क्षेत्र में रूक-रूक कर बारिश हो रही है. अगर बारिश तेज हुई तो क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा.












