जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार (डीसी ऑफिस) में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में दीपावली, कालीपूजा एवं छठ पर्व-2026 के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में दीपावली के अवसर पर पटाखा दुकानों के लाइसेंस, अग्निशमन व्यवस्था, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच, कालीपूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन, विधि-व्यवस्था तथा छठ महापर्व को लेकर घाटों की साफ-सफाई, जलस्तर का चिह्नांकन, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ ऐहतेशाम वकारिब, सिटी एसपी ललित मीणा, नगर आयुक्त जेएनएसी योगेन्द्र प्रसाद, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, अपर नगर आयुक्त मानगो नगर निगम जितेन्द्र यादव, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर मुकेश मछुआ, डीटीओ महेश्वरी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य, यातायात, अग्निशमन, आरसीडी, टाटा स्टील यूआइएसएल एवं अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के पदाधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे. उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी विभाग अपने निर्धारित दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि सभी पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों. दीपावली के मद्देनजर पटाखा दुकानों के संचालन हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाइसेंस निर्गत करने तथा सभी दुकानदारों द्वारा सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. पटाखा दुकानों के लिए निर्धारित स्थल, अग्नि सुरक्षा के इंतजाम, दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, विद्युत सुरक्षा एवं अन्य निर्धारित मानकों की जांच करने को कहा गया. (नीचे भी पढ़ें)

बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री नहीं हो, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. आमबगान तथा अन्य ऐसे बड़े स्थल जहां पटाखा बिक्री होता है, उन स्थलों में अग्निशमन वाहन की तैनाती का भी निर्देश दिया गया. पर्व के दौरान मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को बाजारों एवं मिठाई दुकानों में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं मिलावट की जांच करने तथा मिलावटी अथवा दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने को कहा गया. आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. कालीपूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन को लेकर निर्धारित स्थलों पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने को कहा गया. नदी एवं जलाशयों में विसर्जन के दौरान सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोकने के लिए आवश्यक सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया. साथ ही विसर्जन रूट का विचलन नहीं हो, इसे सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया. प्रतिमा विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो, इसे ध्यान में रखते हुए यातायात प्रबंधन करने को कहा गया. छठ महापर्व की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने नगर निकायों, प्रखंड प्रशासन एवं संबंधित विभागों को सभी प्रमुख एवं स्थानीय छठ घाटों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
घाटों की साफ-सफाई, पहुंच पथ की मरम्मत, समतलीकरण, घाटों तक जाने वाले रास्तों का सुदृढ़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, शौचालय एवं चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों में गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने को कहा गया, ताकि व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो. नदी एवं तालाबों में जलस्तर तथा गहराई का आकलन कर सुरक्षित एवं खतरनाक स्थलों का चिह्नित करने का निर्देश दिया गया. अधिक गहराई वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग, लाल झंडे एवं चेतावनी संकेतक लगाने को कहा गया, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही अर्घ्य अर्पित करें. घाटों पर पर्याप्त संख्या में गोताखोरों, नाव, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. छठ घाटों पर भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, सीसीटीवी, ड्रोन के माध्यम से निगरानी तथा नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था करने को कहा गया. उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व से पूर्व सभी तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर लें तथा जहां भी किसी प्रकार की कमी हो, उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.












