चाकुलिया: चाकुलिया वन विभाग कार्यालय से महज 5 किमी दूर मौरबेड़ा मौजा स्थित वन भूमि पर विगत वर्ष हाथी दिवस के अवसर पर काफी तामझाम के साथ समारोह आयोजित कर वन विभाग द्वारा हजारों पौधे लगाएं गए थे. जिस तामझाम के साथ पौधरोपण किया गया था उसके अनुरूप विभाग के पदाधिकारी और कर्मियों द्वारा पौधो का संरक्षण नहीं किया गया. जिसके कारण वन क्षेत्र में लगे हजारों पौधे विभाग की उदासीनता के कारण सभी पौधे सूख गये. वर्तमान में स्थल पर एक भी पौधा सुरक्षित नहीं है, इससे साफ अंदेशा लगाया जा सकता है कि विभाग पौधों के संरक्षण करने के प्रति कितना सचेत है. हाथी दिवस पर लाखों रूपए खर्च कर विभाग द्वारा हजारों पौधे लगाएं गए. (नीचे भी पढ़े)
परंतु पौधों के संरक्षण के लिए विभाग द्वारा ना तो स्थल में घेराबंदी की गई और ना ही पौधों को सिंचा गया. जिस कारण क्षेत्र में लगें हजारों पौधें सूख गये या मवेशियों का चारा बन गया. इस संबंध में मौरबेड़ा गांव के ग्रामीण फातुराम हांसदा ने बताया कि हाथी दिवस पर वन विभाग द्वारा हजारों पौधे लगाएं गए थे परंतु अब एक भी पौधा नहीं है. कहा की पौधा लगाने के बाद विभाग का कोई भी पदाधिकारी और कर्मी देखने तक नहीं आएं, जिसका नतीजा यह हुआ कि एक भी पौधा नहीं बचा. उन्होंने कहा कि स्थल पर विभाग द्वारा कितने पौधे लगाएं गए थे यह भी किसी को पूर्ण जानकारी नहीं है.(नीचे भी पढ़े)
वन विभाग के पदाधिकारी अपने ही अन्न दाता से किया है सौतेला व्यवहार: फजल इमाम
इस संबंध में आईयूएमएल पार्टी के झारखंड प्रदेश महासचिव फजल इमाम ने कहा कि चाकुलिया वन क्षेत्र में वन विभाग के पदाधिकारी अपने ही अन्न दाता के साथ सौतेला व्यवहार किया है. कहा की वन है तो वे लोग है परंतु विभाग के पदाधिकारी क्षेत्र में जंगल के नाम पर लूट मचाएं हुए हैं. उन्होंने कहा कि वन विभाग के पदाधिकारी विगत वर्ष हाथी दिवस के अवसर पर समारोह आयोजित कर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और विभाग के पदाधिकारियों ने काफी उत्साह के साथ पौधरोपण किया था. (नीचे भी पढ़े)
परंतु पौधों को लगाने बाद उसकी देखभाल सही ढंग से नहीं किया जिससे सभी पौधे सूख गये. उन्होंने कहा कि पौधरोपण कार्य में सरकार द्वारा लाखों रूपए की फंड दी जाती है परंतु पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण पौधरोपण कार्य में हुई लाखों रूपए खर्च पानी में मिल गया, इसे देखने वाला कोई नही है. उन्होंने कहा कि इस पर विभाग द्वारा जांच होनी चाहिए की किसकी लापरवाही के कारण हजारों पौधे सूख गये. विभाग के वरीय पदाधिकारी जांच कर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे विभाग के मंत्री और सचिव को मामले की जानकारी दी है और जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है.












