जमशेदपुर : वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे माल की बढ़ती लागत के बावजूद देश की प्रमुख इस्पात उत्पादक कंपनी टाटा स्टील ने चालू वित्त वर्ष 2026-2027 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं. कंपनी के अनुसार, समीक्षाधीन तिमाही में समेकित (कंसोलिडेटेड) राजस्व 65,436 करोड़ रुपये और समेकित एबिटा (कर भुगतान के पूर्व की आमदनी) 10,665 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जिसमें तिमाही आधार पर 14 फीसदी और सालाना आधार पर 17 फीसदी का सुधार हुआ है. टाटा स्टील की शनिवार को हुए बोर्ड मीटिंग के बाद कंपनी का दूसरे तिमाही का रिजल्ट को जारी किया गया. इसके अलावा कंपनी का बैलेंस शीट भी जारी की गयी. टाटा स्टील की ओर से जारी आंकड़ें के मुताबिक, टाटा स्टील ने पिछले वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2025 तक) में सिर्फ भारत में जहां 5.64 मिलियन टन प्रोडक्शन किया था, वहीं, चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026 तक) में 6.18 मिलियन टन का प्रोडक्शन किया था. इसी तरह पूरे समूह में टाटा स्टील ने पिछले वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2025 तक) में 7.73 मिलियन टन का प्रोडक्शन हुआ था जबकि चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026 तक) में 8.07 मिलियन टन का प्रोडक्शन हुआ है. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील के भारत में एबिटा (कर भुगतान के पूर्व की आमदनी) पिछले वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2025) में 8654 करोड़ रुपये था जबकि चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026) में एबिटा (कर भुगतान के पूर्व की आमदनी) 10634 करोड़ रुपये हुआ. इसी तरह टाटा स्टील के पूरे समूह में पिछले वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में (जुलाई से सितंबर 2025) 9106 करोड़ रुपये रहा जबकि चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में (जुलाई से सितंबर 2026) में आमदनी बढ़कर 10665 करोड़ रुपये रहा. टाटा स्टील के भारत में सारे टैक्स की देनदारी के बाद पिछले वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2025 तक) में 4216 करोड़ रुपये मुनाफा हुआ था जबकि चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026 तक) में 5055 करोड़ रुपये मुनाफा हुआ था. टाटा स्टील के पूरे ग्रुप में सारे टैक्स की देनदारी के बाद पिछले वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2025 तक) में 3183 करोड़ रुपये हुआ था जबकि चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026 तक) में मुनाफा 3700 करोड़ रुपये रहा. पूरे टाटा समूह का टर्नओवर बीते वित्तीय वर्ष में 58689 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 65436 करोड़ रुपये हो गया. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक (सीइओ व एमडी) टीवी नरेंद्रन ने बताया कि मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और ग्राहकों के साथ करीबी जुड़ाव के बल पर कंपनी ने बिक्री और कमाई में शानदार वृद्धि हासिल की है. भारत में मांग और बिक्री का प्रदर्शन कंपनी की मजबूती को दर्शाता है, जहां दूसरी तिमाही में डिलीवरी 16 फीसदी से बढ़कर 5.98 मिलियन टन और भारत का एबिटा (कर भुगतान के पूर्व की आमदनी) 10,634 करोड़ रुपये (25 फीसदी मार्जिन) रहा. ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स वर्टिकल ने 26 फीसदी की वृद्धि के साथ अब तक की सबसे अधिक 1.1 मिलियन टन की दूसरी तिमाही की बिक्री दर्ज की है. इसके अलावा, ‘आशियाना’ और ‘डिजीईसीए’ जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों का सकल माल मूल्य (जीएमवी) 50 फीसदी की छलांग के साथ 2,961 करोड़ रुपये रहा. कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) कौशिक चटर्जी ने कहा कि भारत में उच्च वॉल्यूम और नीदरलैंड्स में परिचालन के सामान्य होने (अगस्त की शुरुआत में डायरेक्ट शीट प्लांट के दोबारा शुरू होने) से लागत के दबाव को संतुलित करने में मदद मिली है. नीदरलैंड्स का एबिटा 72 मिलियन यूरो रहा. कंपनी का कुल शुद्ध कर्ज 91,423 करोड़ रुपये है, जबकि कुल लिक्विडिटी 40,076 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर बनी हुई है, जिसमें लगभग 10,300 करोड़ रुपये की नकद और नकद समकक्ष राशि शामिल है. कंपनी का मुख्य फोकस लागत अनुकूलन, परिचालन सुधार और वर्किंग कैपिटल प्रबंधन पर है.












