
चाकुलिया : बंगाल सीमा से सटे व प्रखंड में पहाड़ पर बसे पोचापानी गांव के सबर परिवार इन दिनों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पोचापानी गांव में 23 सबर परिवार हैं. इनमें से कुछ सबर परिवार के पास राशन कार्ड भी नहीं हैं. ऐसे में सबर परिवार मेहनत-मजदूरी और जंगल से लकड़ी काट कर बाजार में बेचकर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. गांव के शंभु सबर, फागु सबर, पहाड़ सबर और जोगा सबर ने बताया कि लॉकडाउन होने की वजह से गांव के सबरो के समक्ष विकट परिस्थिति उत्पन्न हो गयी है. सबरों ने कहा कि लॉकडाउन में न तो उन्हें कहीं काम मिल रहा है और न ही वे सभी जंगल से लकड़ी काटकर बाजार में बेच पा रहे हैं. इस कारण उनके समक्ष परिवार का भरण-पोषण करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सबरों ने कहा कि गांव में जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें सरकारी पदाधिकारी या समाज सेवियों द्वारा कुछ चावल उपलब्ध कराया गया हैं परंतु तेल, मसाला और नमक कहां से लायेंगे. उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में लॉकडाउन ने सबरों के समक्ष परेशानियों का पहाड़ खड़ा कर दिया है.















